Apara Ekadashi 2025
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राजा के छोटे भाई को वज्रध्वज के नाम से जाना जाता था। हालांकि वह राजा महीध्वज के बिल्कुल विपरीत था। वह अधर्मी था। राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से द्वेष रखता था। एक दिन रात का समय था, जब वज्रध्वज ने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। राजा को मारने के बाद किसी को इस घटना का पता न चले, इसलिए उसने अपने भाई के शव को जंगल में पीपल के नीचे गाड़ दिया। चूंकि राजा की मृत्यु अकाल मृत्यु थी, इसलिए राजा महीध्वज प्रेतात्मा बनकर उसी पेड़ पर रहने लगा।