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Amalaki Ekadashi 2026: 26 या 27 फरवरी कब है आमलकी एकादशी, जानें तिथि से लेकर व्रत पारण तक का समय

Thu, 19 Feb 2026 12:54 PM IST
मेघा कुमारी ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Amalaki Ekadashi 2026: हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर आमलकी एकादशी मनाई जाती हैं। इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की उपासना की जाती है।
 
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Amalaki Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला
Amalaki Ekadashi 2026: एकादशी विष्णु जी को प्रसन्न करने की सबसे शुभ तिथि है, जिस पर व्रत रखने से प्रभु शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इन्हीं में आमलकी एकादशी का भी विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि, इस दिन आंवले के पेड़ की उपासना करना अत्यंत लाभकारी होता है, क्योंकि यह विष्णुजी के आंसुओं से उत्पन्न हुआ था। कहते हैं कि, इसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है। शास्त्रों में भी आमलकी एकादशी के महत्व का उल्लेख है। यदि सच्चे भाव से इस दिन उपवास किया जाए, तो व्यक्ति को मोक्ष मिलता है। साथ ही कर्ज, तनाव, सेहत संबंधी समस्याएं भी धीरे-धीरे दूर होती हैं। हिंदू पंचांग की मानें, तो यह उपवास फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर पड़ता है। ऐसे में 2026 में आमलकी एकादशी कब मनाई जाएगी, आइए जानते हैं।
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Amalaki Ekadashi 2026 - फोटो : adobe
आमलकी एकादशी 2026
इस साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का प्रारंभ 27 फरवरी 2026 को तड़के 12:33 से होगा। तिथि का समापन 27 फरवरी 2026 की रात 10:32 पर होगा। इसलिए आमलकी एकादशी 2026 में 27 फरवरी को मनाई जाएगी।
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Amalaki Ekadashi 2026 - फोटो : Amar Ujala
व्रत पारण
आमलकी एकादशी का व्रत पारण 28 फरवरी 2026 को सुबह 6 बजकर 47 मिनट से लेकर 9:06 तक की अवधि में किया जाएगा।

आमलकी एकादशी 2026 शुभ योग
आमलकी एकादशी के दिन सर्वार्थ सिद्धि, रवि, आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6:48 से 11:08 तक रहेगा।

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Amalaki Ekadashi 2026 - फोटो : Adobe Stock
आमलकी एकादशी पूजा विधि
  • आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु की मूर्ति एक चौकी पर स्थापित कर लें।
  • आप केसर के दूध और जल से अभिषेक करें और प्रभु को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं।
  • विष्णु जी का श्रृंगार कर लें और उन्हें केले, फूल, चंदन, धूप, गुड़ और फल अर्पित करें।
  • आमलकी एकादशी पर आप आंवले का फल भी विष्णु जी को अर्पित करें।
  • दीप जलाकर आमलकी एकादशी व्रत कथा का पाठ कर लें।
  • अंत में श्री हरि की आरती करें और सभी में प्रसाद बांट दें।
  • आप आंवले के पेड़ की पूजा भी अवश्य करें। यह बेहद शुभ होता है।

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Amalaki Ekadashi 2026 - फोटो : Adobe Stock
भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।

अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।


 
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