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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर इस विधि से करें लक्ष्मी पूजन, धन-दौलत में होगी वृद्धि

Sat, 18 Apr 2026 08:20 PM IST
Megha Kumari ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर किए गए कार्य, दान-पुण्य और खरीदारी का फल लंबे समय तक बना रहता है। इस दिन लक्ष्मी पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती हैं।
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Akshaya Tritiya 2026 - फोटो : AI
Akshaya Tritiya 2026: 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया का पावन पर्व देशभर में मनाया जाएगा। यह दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ता है, जिसे अबूझ मुहूर्त माना गया है। आसान शब्दों में कहा जाए, तो एक ऐसा दिन जिस पर सभी शुभ कार्य किए जाते हैं बिना किसी मुहूर्त के। खास बात यह है कि, इस तिथि पर सोना-चांदी, वस्तु व अन्य चीजों की खरीदारी करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। साथ ही घर में धन-दौलत में वृद्धि देखने को मिलती हैं। शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया पर विधि -विधान से लक्ष्मी पूजन करने से देवी प्रसन्न होती हैं। साथ ही व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि को जानते हैं।
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Akshaya Tritiya 2026 - फोटो : adobe stock
पूजा विधि
  • अक्षय तृतीया पर विशेष रूप से लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर या पूजा स्थान पर चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
  •  गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें।
  • अब प्रभु और देवी को रोली, चंदन, अक्षत अर्पित करें।
  • इस दौरान फूल माला भी पहनाएं। यह  शुभ होता है।
  • पूजा के दौरान ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
  • विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और खीर व पंचामृत का भोग बनाकर पूजा में शामिल करें।
  • अंत में आरती करें और प्रसाद सभी में वितरित करें।
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Akshaya Tritiya 2026 - फोटो : adobe stock
मां लक्ष्मी की आरती 

ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। 
मैया तुम ही जग-माता।।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। 
मैया सुख संपत्ति दाता। 
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता। 
मैया तुम ही शुभदाता। 
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। 
मैया सब सद्गुण आता।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। 
मैया वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। 
मैया क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता। 
मैया जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।

ऊं  जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। 
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। 
ऊं जय लक्ष्मी माता।।
 

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Akshaya Tritiya 2026 - फोटो : adobe stock
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का मंत्र
ऊँ महालक्ष्म्यै नमो नमः । ऊँ विष्णुप्रियायै नमो नमः ।।
ऊँ धनप्रदायै नमो नमः । ऊँ विश्वजन्नयै नमो नमः ।।

सुख-समृद्धि के लिए मंत्र
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी ॥
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी। 
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥

श्री लक्ष्मी महामंत्र
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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