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Adhik Maas Shivratri 2026: आज अधिकमास की शिवरात्रि, जानें शंकर जी को प्रसन्न करने की सरल विधि

Sat, 13 Jun 2026 12:15 AM IST
Megha Kumari धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Adhik Maas Shivratri 2026: अधिकमास की शिवरात्रि पर पूजा-पाठ संपूर्ण विधि से करने पर महादेव प्रसन्न होते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। पारिवारिक जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलने का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
 
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Adhik Maas Shivratri 2026 - फोटो : अमर उजाला AI
Adhik Maas Shivratri 2026: वैसे तो हर महीने की शिवरात्रि को खास माना जाता है। लेकिन ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सबसे शुभ माना गया है। दरअसल, अधिकमास लगभग 3 वर्ष में एक बार आता है, इसलिए इस दौरान पड़ने वाले व्रतों को अधिक महत्वपूर्ण और कई गुना फल प्रदान करने वाला माना जाता है। यही कारण है कि, इस मासिक शिवरात्रि पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं। 2026 में अधिकमास की मासिक शिवरात्रि 13 जून, शनिवार को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा और अभिषेक करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। आइए इस दिन की संपूर्ण पूजा विधि को जानते हैं।
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Adhik Maas Shivratri 2026 - फोटो : freepik
अधिकमास शिवरात्रि 2026
  • पंचांग के मुताबिक, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ: 13 जून 2026, शाम 4:07 बजे होगा।
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 14 जून 2026, दोपहर 12:19 पर होगी।
  • मासिक शिवरात्रि 13 जून, शनिवार को मान्य रहेगी।
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:02 बजे से 4:43 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक

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Adhik Maas Shivratri 2026 - फोटो : adobe
अधिकमास शिवरात्रि पूजा विधि
  • अधिक मास मासिक शिवरात्रि पर शिवलिंग पर गंगाजल और जल चढ़ाएं।
  • अब जल, दूध, शक्कर, दही और शहद से शिवलिंग पर अभिषेक करें।
  • महादेव को बेलपत्र चढ़ाएं और पुष्पमाला अर्पित करें।
  • इस दौरान 5 प्रकार के अनाज भी चढ़ाएं और सफेद मिठाई का भोग भी लगाएं।
  • महादेव पर चंदन लगाएं और नंदी जी को भी लगा दें।
  • अब घी का दीपक जलाकर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
  • शिवरात्रि व्रत कथा का पाठ करें और महादेव के भजन गाएं।
  • अंत में भगवान शिव की आरती करें और फल अर्पित करें।
  • इन फलों को बाद में प्रसाद के रूप में बांट दें।
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Adhik Maas Shivratri 2026 - फोटो : adobe
शिवजी की आरती : ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 


 
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