13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। इसी दिन अमावस्या भी पड़ रही है, इसलिए बेहद दुलर्भ संयोग है। जिसका दो राशियों पर बुरा असर रहेगा। ज्योतिषी इस प्रभाव से बचने के उपाय बता रहे हैं।
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सूर्य ग्रहण
- फोटो : demo
चंडीगढ़ में सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि इस बार का सूर्यग्रहण 2.25 घंटे तक रहेगा। यह पुनर्वसु नक्षत्र व हर्षण योग में पड़ेगा जो सुबह सात बजकर 19 बजे से शुरू होकर नौ बजकर 44 मिनट में समाप्त होगा।
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सूर्यग्रहण
- फोटो : सूर्यग्रहण
सूर्यग्रहण का स्पर्श सुबह 7.19 बजे होगा और ग्रहणकाल का मोक्ष सुबह 9.44 बजे होगा। ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पूर्व लगेगा। सूर्यग्रहण के 15 दिन के बाद चंद्रग्रहण पड़ेगा। सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। वहीं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण उदयमान सूर्य देव पर पड़ रहा है। इससे ग्रहणकाल और सूतक के दौरान मान्य मान्यताओं का पालन करना चाहिए।
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सूर्य ग्रहण का नजारा
सूर्य ग्रहण आद्रा नक्षत्र मिथुन राशि में लगेगा। आद्रा राहु का नक्षत्र है, इसलिए इस नक्षत्र से संबंधित राशि वालों को कष्ट का सामना करना पड़ सकता है। कर्क, सिंह और मिथुन राशि पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। इनके बनते काम अटक सकते हैं। शारीरिक रूप से अस्वस्थ महसूस करेंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी रखने की आवश्यकता होगी।
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सूर्य ग्रहण
मेष, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि वालों को फायदा होगा। सूर्यग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए कर्क, सिंह व मिथुन राशि के लोग भोलेनाथ का जाप करें। गरीबों को दान करें। ग्रहण काल के दौरान शिव चालीसा पढ़ें या भगवान शिव का जाप करें। नहा धोकर पूजा करने के बाद ग्रहण के पूरे समय तक तुलसी का पत्ता खाना भी अच्छा रहेगा।
सूर्यग्रहण के दिन ही अमावस्या पड़ रही है, जो 13 जुलाई को सुबह 8.17 बजे तक रहेगी। यह ग्रहण कर्क लग्न और मिथुन राशि में हो रहा है। खास बात यह है कि इस दौरान सूर्य और चंद्र दोनों मिथुन राशि में मौजूद रहेंगे और लग्न में बुध और राहु रहेंगे। इसी दिन ओडिश में जगन्नाथ मंदिर के पट भी खुल जाएंगे।