चाणक्य नीति की बातें
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अत्यधिक ईमानदार न बनें
आपकी ज्यादा ईमानदारी आपके लिए मुसीबत बन सकती है। इसलिए ईमानदारी उतनी ही रखनी चाहिए, जितने में किसी का नुकसान न हो। कई बार ज्यादा ईमानदारी के चक्कर में चक्कर में लोग अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि सीधे पेड़ को सबसे पहले काटा जाता है, इसलिए ज्यादा सीधा बनने से भी बचें।