हर तीसरे वर्ष पर अधिकमास पड़ता है, तब दो एकादशी ज्यादा होती हैं। जिन्हें पद्मिनी (कमला) एवं परमा एकादशी के नाम से जाना जाता है, पद्मिनी एकादशी पर व्रत करने से सभी मनोकामनाए पूरी होती हैं। इसका व्रत करने से यश कीर्ति प्राप्त होती है। परमा एकादशी पर व्रत रखने से धन-वैभव की कोई कमी नहीं रहती है।