वृष राशि वाले जातकों के लिए कृतिका के तीन चरण, रोहिणी नक्षत्र के चार चरण और मृगशिरा नक्षत्र के दो चरण यानी कुल 9 चरणों का एक लग्न होता है। वृष लग्न वाला जातक प्राय: रजोगुणी, पृथ्वी तत्व, सुंदर शरीर वाला, शांतिप्रिय, धैर्यवान, कष्टों को सहन करने वाला, गौर वर्ण और कलाओं में निपुण होता है। वायु प्रकृति होने के कारण तामसिक गुणों से युक्त हो जाता है। यह दयालु, स्नेही एवं सबका विश्वसनीय होता है।