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युग हत्याकांड: रात भर जागकर बार-बार पानी मांगते रहे हत्यारे तो कभी कभी खुद में बड़बड़ाते

Fri, 07 Sep 2018 12:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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राजधानी के बहुचर्चित युग हत्याकांड में फांसी की सजा सुनने के बाद कंडा जेल के अलग-अलग एकांत सेलों में रखे गए तीनों हत्यारों तेजिंद्र पाल, चंद्र शर्मा और विक्रांत बख्शी की पहली रात बेचैनी में कटी। सफेद वर्दी पहनाकर अलग-अलग एकांत सेलों में शिफ्ट किए गए तीनों हत्यारे रात भर करवटें बदलते रहे। बीच-बीच में ये उठ खड़े होते और खुद में बड़बड़ाने लगते। तीनों के हलक भी बार-बार सूख रहे थे। सेल के बाहर पहरा देने वाले सुरक्षा गार्डों से पीने के लिए इन्होंने कई बार पानी मांगा।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में बुधवार दिन में सजा सुनाने के बाद रात करीब नौ बजे इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जेल पहुंचाया गया। डिनर में इन्हें दाल-सब्जी और चपातियां दी गईं। रात का खाना इत्मिनान से खाकर तीनों कंबल ओढ़कर सो गए।
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लेकिन रात 12:00 बजे के बाद हत्यारों ने सेल के बाहर खड़े सुरक्षा गार्डों से बार-बार पानी मांगना शुरू कर दिया। सूत्र बताते हैं कि हत्यारों ने रात को कई बार पानी पीया और करवटें बदलते रहे। सुबह नाश्ते में इन्हें चावल, दाल और चपाती दी गई लेकिन इनके हलक से पूरा खाना नहीं उतरा। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद हत्यारे मानसिक तौर पर परेशान दिखे।

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तीनों हत्यारों की गिनती अब सजायाफ्ता कैदियों के तौर पर है। इन्हें अब अन्य कैदियों के साथ बात करने और बैरेक में जाने की इजाजत नहीं है। फांसी होने तक इन्हें एकांत सेल में अकेले ही रहना होगा।
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विषम परिस्थितियों में ही कड़ी सुरक्षा के बीच सेल से बाहर निकाला जा सकता है। इन पर निगरानी रखने के लिए प्रत्येक एकांत सेल के ठीक बाहर जेल सुरक्षा गार्ड पहरा दे रहे हैं जो इनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। ये सुरक्षा गार्ड 24 घंटे यहां तैनात रहेंगे।
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