राजधानी के बहुचर्चित युग हत्याकांड में फांसी की सजा सुनने के बाद कंडा जेल के अलग-अलग एकांत सेलों में रखे गए तीनों हत्यारों तेजिंद्र पाल, चंद्र शर्मा और विक्रांत बख्शी की पहली रात बेचैनी में कटी। सफेद वर्दी पहनाकर अलग-अलग एकांत सेलों में शिफ्ट किए गए तीनों हत्यारे रात भर करवटें बदलते रहे। बीच-बीच में ये उठ खड़े होते और खुद में बड़बड़ाने लगते। तीनों के हलक भी बार-बार सूख रहे थे। सेल के बाहर पहरा देने वाले सुरक्षा गार्डों से पीने के लिए इन्होंने कई बार पानी मांगा।