गौर हो कि शिमला के कारोबारी विनोद गुप्ता के मासूम बेटे युग का फिरौती के लिए 14 जून, 2014 को अपहरण हुआ। पुलिस के असफल रहने पर केस सीआईडी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया। 20 अगस्त, 2016 को सीआईडी ने विक्रांत को गिरफ्तार किया। अपहरण के दो साल बाद 22 अगस्त, 2016 को विक्रांत की निशानदेही पर सीआईडी ने भराड़ी पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद किया। इसी दिन चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पॉल को गिरफ्तार किया। इतने दिन पेयजल टैंक में कंकाल रहा और वही पानी संबंधित इलाकों में सप्लाई भी होता रहा। 25 अक्तूबर, 2016 को सीआईडी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की।