हालांकि सरकार ने क्षतिग्रस्त सड़कों व अधोसंरचना को शीघ्र बहाल करना सुनिश्चित किया है ताकि आम जनमानस तथा राज्य में आने वाले सैलानियों को असुविधा न हो। चंबा, कुल्लू तथा लाहौल-स्पिति जिलों से 3 सितंबर से एक अक्तूबर,2018 के बीच विभिन्न माध्यमों से 4033 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।