किन्नौर में गश्त के दौरान हिमखंड की चपेट में आने से शाहतलाई के घुमारपुर गांव के राकेश कुमार की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है।
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हिमखंड में शहीद राकेश कुमार की मौत की खबर सुनने के बाद से पत्नी और दो बेटे गहरे सदमे में हैं। जैसे ही पिता चिरंजी लाल को फोन आया तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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पत्नी बेसुध हैं तो बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। आठवीं और दसवीं में पढ़ने वाले राकेश के दोनों बेटों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। बेटे समझ नहीं पा रहे थे कि मां को संभालें या दादा-दादी को।
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राकेश के पिता चिरंजी लाल ने बताया कि उनका इकलौता सहारा राकेश ही था। अब वह हमें छोड़कर चला गया। इतना कहते ही वह फफक फफक कर रोने लगे।
राकेश कुमार अपने पीछे पिता चिरंजी लाल, माता कौशल्या देवी, पत्नी ममता देवी, दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले बडे़ बेटे मनीष और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विवेक को छोड़ गए हैं।