बुशहर के राजा पदमदेव सिंह के साथ वीरभद्र सिंह।
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यद्यपि सराहन स्थित राजमहल में बुशहर रियासत की वंशावली मौजूद है, जिसमें विष्णु के पुत्र ब्रह्मा, ब्रह्मा के अत्रि मुनि, अत्रि मुनि के चंद्र, चंद्र के बुध आदि का उल्लेख करते हुए करीब 110 पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए उसके बाद की महाराज छत्र सिंह से होते हुए विजय सिंह उदय सिंह, राम सिंह, रुद्र सिंह, उग्र सिंह, महेंद्र सिंह, शमशेर सिंह, महाराजा पदम सिंह तक का उल्लेख किया गया है। इसी कड़ी में विक्रमादित्य सिंह को भी कृष्ण वंश का 123वां राजा बताया जा रहा है।