इंडियन कॉफी हाउस के कर्मचारी एवं अर्की के निवासी नागेंद्र ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह गरीबों का मसीहा थे। लोगों के दर्द को समझकर उन्हें दूर करने में पूरा जीवन लगा दिया। आज उनके अंतिम दर्शन के लिए आया हूं। ननखड़ी निवासी एलआर खाची ने कहा कि उनके जाने पर ऐसा लग रहा मानों पूरा प्रदेश अनाथ हो गया। कहा कि उनके लिए मन में सम्मान ही अंतिम दर्शन के लिए यहां खींच लाया। इनके दरबार से कभी कोई खाली नहीं गया। चौपाल के कुपवी की रहने वाली उषा ने बताया कि उन्होंने जीवन भर सबका भला किया। उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए जो किया कोई और नहीं कर सकता। वो सही मायने में राजा थे, उनका तो आशीर्वाद मिल जाए वही काफी होता है। चौपाल की गड़ा पंचायत के प्रधान दिनेश गुंटा बोले लोगों के दिलों में राज करने वाला ऐसा नेता आज तक नहीं देखा। वो महान व्यक्ति थे, चौपाल में आज तक जो हुआ, उन्हीं के हाथों से हुआ है। इसलिए उन्हें अंतिम बार फूल चढ़ाने आया हूं।