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व्यर्थ बह रहे पानी से खेतों में हरियाली ले आए इस गांव के लोग

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राजधानी शिमला के साथ लगते दाड़नी का बागीचा में शहर के ही व्यर्थ पानी से सब्जियां पैदा की जा रही हैं। दाड़नी बागीचा में दर्जनों सब्जी उत्पादक शहर के वेस्ट वाटर का सब्जी की सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सिंचाई सुविधा उपलब्ध न होने के कारण सब्जी उत्पादकों को कोई प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा। इनपुट: दीपक मेहता
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व्यर्थ बह रहे पानी से खेतों में हरियाली ले आए इस गांव के लोग

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दाड़नी बागीचा में करीब दो दर्जन परिवारों का गुजर बसर शहर के वेस्ट वाटर से सिंचाई कर सब्जियां पैदा कर चल रहा है। लोग यहां फूलगोभी, प्याज, लहसुन, पालक और मिर्च सहित अन्य सब्जियां पैदा कर रहे हैं। आसपास पानी का कोई स्रोत नहीं है मजबूरन लोगों ने वेस्ट वाटर को ही सिंचाई का जरिया बना लिया है। सालों पहले बनी कूहल से वेस्ट वाटर खेतों तक सिंचाई के लिए पहुंच रहा है।
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हालांकि, वेस्ट वाटर सब्जियों की सिंचाई के लिए सही है? यह सवाल जरूर उठता है। लोगों का कहना है कि शहर के बिल्कुल करीब रहने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रहीं। आशीष, राहुल, अमर लाल, राजेश शर्मा, नंद लाल, राम कृष्ण, सुमन शर्मा, वंदना, रेखा शर्मा, बिमला, अंजू, मीनू शर्मा, किशोरी लाल और अंकुश का कहना है कि नगर निगम को सालों पुरानी कूहल को पक्का करना चाहिए ताकि प्राप्त मात्रा में पानी खेतों तक पहुंच सके। या फिर आईपीएच खेतों की सिंचाई के लिए स्टोरेज टैंक बना कर पानी उपलब्ध करवाए।

व्यर्थ बह रहे पानी से खेतों में हरियाली ले आए इस गांव के लोग

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गांव के राकेश शर्मा ने बताया कि हम 40 सालों से कूहल के पानी का सिंचाई के लिए इस्तेमाल कर रहे है पर कच्ची नहर जगह जगह टूटी हुई है। हमारे पास कमाई का ये एकमात्र साधन है। हम सब दाड़नी निवासी का नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर से आग्रह है कि वे जल्दी से जल्दी इस पर कार्रवाई करे।

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गांव की संतोष शर्मा शर्मा ने बताया कि सफाई कर्मचारी कूड़ा हमारे घरों के आसपास डाल देते हैं जबकि हर महीने कूड़ा उठाने के लिए 50 रुपये वसूले जाते हैं। नगर निगम को कई बार समस्या की जानकारी दी है बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। नगर निगम जल्द ठोस कार्रवाई करे। सुलोचना ने कहा कि पेयजल रात के समय बहुत कम समय के लिए आता है, रास्ते खराब हैं और स्ट्रीट लाइट की सुविधा ही नहीं है। टॉयलेट की हालत खराब है। लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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