मदर्स डे के दिन दो साल का ये मासूम अपनी मां के लिए अस्पताल में भटकता रहा। हादसे में मां की मौत हो गई। मासूम बेटा बिना दूध पिए पूरा दिन मां के लिए रोता रहा। अस्पताल में मासूम की चीखें सुन हर कोई भावुक हो गया।
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हिमाचल में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे में रविवार सुबह हुए हादसे में दो वर्षीय साईं दर्शन से हमेशा के लिए मां का दामन छीन लिया। रविवार सुबह हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। इसमें साईं दर्शन की मां गायत्री भी उसे हमेशा के लिए दुनिया में अकेला छोड़ कर चली गई थी। हादसे के वक्त यह मां की गोद में था।
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दुखद यह है कि यह हादसा उस समय हुआ जब पूरा विश्व मातृ दिवस मना रहा था। हादसे के दौरान गायत्री का दो वर्षीय मासूम बेटा भी उसके साथ था। उसे सिर पर मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद जब घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया तो वहां साईं की आंखें हर तरफ अपनी मां को तलाश कर रही थी। मगर मां हमेशा के लिए जा चुकी थी।
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अपनी मां को सामने न पाकर दूध पीने से इंकार कर दिया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। हालांकि बच्चे की मौसी ने उसे अपनी गोद में उठाकर दूध पिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चा चुप होने का नाम नहीं ले रहा था। इस दौरान आसपास के लोगों ने बच्चे को अपनी गोद में लेना चाहा। मगर वह किसी के पास आने को तैयार नहीं था। इसके रोने की वजह जानने के बाद हर किसी की आंखें हो गईं।
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तभी साईं के पिता को निजी वाहन से घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया। पिता को देखकर साईं खुश हो गया। इसके बाद वह अपने पापा के पास बैठ गया। इससे कुछ देर के लिए उसका ध्यान मां की ओर से हट गया। सभी पर्यटक तमिलनाडु के रहने वाले थे और घूमने के लिए मनाली जा रहे थे।
दुर्घटना में घायल हुए सैलानियों ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ तो उस वक्त साईं अपनी मां की गोद में सो रहा था। उन्होंने बताया कि जब गाड़ी खाई में गिरी तो उन्हें उसके बाद कुछ पता नहीं चला। पर्यटकों ने बताया कि गायत्री तो दुनिया को छोड़ कर चली गई, लेकिन वह अपने दो साल के बेटे साईं को बचा गई।