भीष्म ने जब पूरा ज्ञान दे दिया, तब श्रीकृष्ण ने कहा कि आपने जो पांच दिन में ज्ञान दिया है, यह पांच दिन आज से अति मंगलकारी हो गए हैं। इन पांच दिनों को भविष्य में ‘भीष्म पंचक’ के नाम से जाना जाएगा और इसी दिन माता तुलसी का विवाह भी मुरली मनोहर श्री कृष्ण वासुदेव से हुआ था, इसलिए तुलसी विवाह से भी इसका इतिहास जुड़ा हुआ है।