ऐतिहासिक जिला स्तरीय अर्की सायर मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हूटिंग से नाराज होकर बीच में ही भाषण छोड़ दिया। इसका कारण रोमांच का ये खेल। सीएम के भाषण से ज्यादा लोगों को भैंसों की लड़ाई में ज्यादा दिलचस्पी थी। फोटो: सोलन ब्यूरो
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देखिए, इस खेल के लिए सीएम को भी भूल गए लोग
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सीएम खामोश.. खामोश! कहते रहे लेकिन लोग हुड़दंग मचाने से बाज नहीं आए। सीएम ने माइक छोड़ दिया और बिना कुछ कहे चले गए। उन्हें मनाने की कोशिश भी की गई लेकिन मुख्यमंत्री नहीं माने।
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जनता सायर मेले का प्रमुख आकर्षण भैंसों की लड़ाई देखने को बेताब थी। सालों से ये परंपरा चली आ रही है। सायर उत्सव में प्रदेश भर से लोग अपने भैंसे लेकर सोलन के अर्की में चल रहे मेले में पहुंचते हैं और भैंसों की लड़ाई करवाई जाती है।
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गौर हो कि एक तरफ जहां पशुओं के अधिकारों का दायरा बढ़ाते हुये सुप्रीम कोर्ट ने मई 2014 में जल्लीकट्टू (सांडों की लड़ाई) के लिये बैलों के उपयोग या फिर बैलगाड़ियों की दौड़ जैसे आयोजन पर देश भर में प्रतिबंध लगा दिया है वहीं हिमाचल के सोलन जिले में यह परंपरा यहां आज भी जारी है।
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मेले में सांस्कृतिक संध्या में चंदेल म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार बिटू नेधारा रा नजारा आया गोरिए पाउणा प्यारा पेश किया। जिस पर लोग खूब नाचे।
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कार्यक्रम में एसडीएम अर्की एलआर वर्मा, तहसीलदार गिरीश एम सकलानी भी उपस्थित थे।
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रोमांच के इस खेल के लिए जनता ने सीएम को भी नहीं बख्शा।