देश में 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद धन्नासेठों ने कालेधन को सफेद करने के लिए कई हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। पेट्रोल पंपों पर 500 और 1000 रुपये के नोट मान्य हैं। इसकी आड़ में काली कमाई को ठिकाने लगाया जा रहा है। कई धन्नासेठ पेट्रोल पंपों पर टैंपो और ट्रकों में बड़े ड्रम लेकर पहुंच रहे हैं और एक हजार से दो हजार लीटर डीजल लेकर जा रहे हैं। अब हिमाचल प्रदेश में डीजल की तथाकथित जमाखोरी शुरू हो गई है।
विज्ञापन
2 of 5
वर्तमान में डीजल 57 रुपये 22 पैसे, जबकि पेट्रोल 68 से 69 रुपये प्रतिलीटर बिक रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर हजारों लीटर डीजल जमा कर लिया है। हैरानी की बात है कि देश में खुला डीजल खरीदने को कोई सीमा तय नहीं है। इसके चलते लोग ड्रमों में डीजल ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
वहीं, बैंकों में पुराने नोट एक्सचेंज करवाने की बात है तो वह केवल एक दिन में केवल 4000 रुपये ही एक्सचेंज होंगे। इसके लिए दिन भर लंबी कतारों में खड़ा रहना होगा। डीजल तो लाखों और करोड़ों का खरीदकर स्टोर कर सकते हैं। पेट्रोल पंप ऑपरेटरों का कहना है कि वे पेट्रोल खुले में नहीं दे रहे, लेकिन डीजल कोई भी व्यक्ति लाखों और करोड़ों में जितना चाहे खरीद सकता है। हमीरपुर जिले के पेट्रोल पंपों पर हजारों लीटर डीजल ड्रमों में दिया जा रहा है। मौके पर डीजल लेने वाले लोग हॉट मिक्सिंग प्लांट, ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन के प्रयोग का तर्क दे रहे हैं।
4 of 5
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एरिया मैनेजर संजय सिंघल ने कहा कि पेट्रोल पंप पर बोतल और अन्य किसी बर्तन में खुले में पेट्रोल देने पर पाबंदी है। डीजल पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं।
चूंकि, कृषि के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों, ट्रैक्टरों और उद्योगों में लगी जेसीबी मशीनें और रोड रोलर को फिलिंग स्टेशन तक लाना थोड़ा मुश्किल होता है। अगर कोई व्यक्ति डीजल की जमाखोरी करता है या फिर डीजल किसी और को बेचता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस में केस भी दर्ज होंगे।