वीरों की भूमि हिमाचल की बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। चाहे वह शिक्षा क्षेत्र हो, खेल मैदान हो या फिर सेना में जाकर देशसेवा करने का जज्बा। प्रदेश की तीन बेटियां भी आठ फरवरी को लेफ्टिनेंट पद पर ज्वाइनिंग देंगी। इनकी इस उपलब्धि से परिजनों का ही नहीं, बल्कि हर हिमाचली का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। आइए जानते हैं इनके बारे में-
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मंडी के सरकाघाट की कंचन ठाकुर सेना नर्सिंग सर्विस की परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट पद पर सेना अस्पताल किड़की, पूना में सेवाएं देंगी। करेड़ गांव में ओम प्रकाश और सुशीला ठाकुर के घर जन्मीं कंचन ने बीएससी नर्सिंग और मास्टर्स इन पब्लिक हेल्थ की डिग्री अकाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग और अकाल कॉलेज ऑफ पब्लिक हेल्थ बड़ू साहिब सिरमौर से उत्तीर्ण की। कंचन के पिता ओम प्रकाश ठाकुर वन विभाग में निजी सहायक के पद पर अरण्यपाल मंडी के कार्यालय में कार्यरत हैं। कंचन ने स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी पाने के बावजूद ज्वाइन नहीं किया। कंचन के नाना बीरी सिंह ठाकुर का सपना था कि वह सेना में जाए। बेटी की इस उपलब्धि से रिश्तेदारों तथा गांववासियों में खुशी का माहौल है।
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मंडी के धर्मपुर के कलस्वाई की बेटी जागृति सेना में लेफ्टिनेंट बन गई हैं। धर्मपुर पंचायत के कलस्वाई निवासी भूपेंद्र सिंह की बेटी जागृति का भारतीय सेना के मेडिकल कोर में लेफ्टिनेंट बनी हैं। जागृति की प्रारंभिक शिक्षा मुनीष मॉडल पब्लिक स्कूल धर्मपुर से हुई है, जबकि बीएससी नर्सिंग की डिग्री दिल्ली से हासिल की। इसके बाद जागृति ने सेना में नर्सिंग सर्विस की परीक्षा उत्तीर्ण कर लेफ्टिनेंट के लिए चयनित हुई हैं। पिता भूपेंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता गृहिणी हैं। जागृति की इस उपलब्धि पर विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर, धर्मपुर पंचायत ठाकर दास, उप प्रधान राकेश कुमार, दलीप ठाकुर आदि लोगों ने बधाई दी है।
सरकाघाट के फतेहपुर पंचायत के डोल गांव की शिल्पा राव भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनी हैं। शिल्पा वर्तमान में आईजीएससी शिमला में स्टाफ नर्स हैं। उन्होंने सेना की राष्ट्रीय परीक्षा नवंबर में लखनऊ में दी थी। उन्होंने देश में 12वें स्थान हासिल किया। शिल्पा के पिता तिलक राज राव निजी व्यवसाय करते हैं, जबकि माता पूनम राव हिमाचल पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। शिल्पा ने इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ नर्सिंग बड़ू साहिब से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई गोल्ड मेडल के साथ पास की। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग में नौकरी शुरू की थी। शिल्पा ने कहा कि सेना में जाने की उन्हें भाई राहुल राव और दादा लुदेर सिंह से प्रेरणा मिली। शिल्पा ने अपनी सफलता का श्रेय माता पूनम राव, मामा डोले राम, भाई राहुल और अध्यापकों को दिया है।