तिरंगे में लिपटा हुआ लौटा हिमाचल का लाल, अंतिम दर्शन को उमड़ा सैलाब
Thu, 26 May 2016 10:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शाहतलाई (बिलासपुर)
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भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए हिमाचली जवान बलदेव शर्मा को देखने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया। हजारों लोगों ने नम आंखों से इस वीर जवान को अंतिम विदाई दी। तिरंगे में लिपटे शहीद को देखने के लिए दूर दूर से लोग पहुंचे थे।
- फोटो : अमर उजाला
भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए हिमाचली जवान बलदेव शर्मा को देखने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया। हजारों लोगों ने नम आंखों से इस वीर जवान को अंतिम विदाई दी। तिरंगे में लिपटे शहीद को देखने के लिए दूर दूर से लोग पहुंचे थे।
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बुधवार सुबह जैसे ही शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची माहौल गमगीन हो गया। सुबह करीब 6 बजकर 47 मिनट पर जवानों की टुकडी जैसे ही शहीद के घर पहुंची कि तीन दिनों से शहीद की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे परिजन अज्ञैर वहां उपस्थित ग्रामीण फूट-फूट कर रो पड़े।
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह जैसे ही शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची माहौल गमगीन हो गया। सुबह करीब 6 बजकर 47 मिनट पर जवानों की टुकडी जैसे ही शहीद के घर पहुंची कि तीन दिनों से शहीद की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे परिजन अज्ञैर वहां उपस्थित ग्रामीण फूट-फूट कर रो पड़े।
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शहीद के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को सड़क की तरफ लोग दौड़ पड़े। शहीद की पत्नी अरूणा, बेटी प्रियंका तथा बेटा विवेक रो पड़े।
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को सड़क की तरफ लोग दौड़ पड़े। शहीद की पत्नी अरूणा, बेटी प्रियंका तथा बेटा विवेक रो पड़े।
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लोगों ने शहीद बलदेव अमर रहे, भारत माता की जय तथा जब तक सूरज चांद रहेगा, बलदेव तेरा नाम रहेगा के नारों से माहौल गूंजयमान कर दिया। शहीद की तिंरगे में लिपटी देह से पूरा परिवार लिपट कर रो पड़ा।
- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने शहीद बलदेव अमर रहे, भारत माता की जय तथा जब तक सूरज चांद रहेगा, बलदेव तेरा नाम रहेगा के नारों से माहौल गूंजयमान कर दिया। शहीद की तिंरगे में लिपटी देह से पूरा परिवार लिपट कर रो पड़ा।
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जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए मानो पूरा क्षेत्र ही एक जुलूस की शक्ल में उमड़ पड़ा। बिलासपुर के सूबेदार बलदेव शर्मा का अंतिम संस्कार सरहयाली खड्ड के किनारे श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए मानो पूरा क्षेत्र ही एक जुलूस की शक्ल में उमड़ पड़ा। बिलासपुर के सूबेदार बलदेव शर्मा का अंतिम संस्कार सरहयाली खड्ड के किनारे श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
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27 एडीसी यूनिट के 12 जवानों और पुलिस की टुकड़ी ने संयुक्त रूप से तीन राउंड हवाई फायर करके राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी।
- फोटो : अमर उजाला
27 एडीसी यूनिट के 12 जवानों और पुलिस की टुकड़ी ने संयुक्त रूप से तीन राउंड हवाई फायर करके राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी।
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शहीद के बेटे विवेक ने चिता को मुखाग्नि दी। पंचायत नघ्यार के गांव मरूड़ा निवासी कृपा राम और सीता देवी का बेटा बलदेव शर्मा 29 असम राइफल्स में जून 1980 में भर्ती हुआ था। इन दिनों वह मणिपुर में तैनात था।
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के बेटे विवेक ने चिता को मुखाग्नि दी। पंचायत नघ्यार के गांव मरूड़ा निवासी कृपा राम और सीता देवी का बेटा बलदेव शर्मा 29 असम राइफल्स में जून 1980 में भर्ती हुआ था। इन दिनों वह मणिपुर में तैनात था।
मणिपुर से साथ आए सैन्य अधिकारी सूबेदार जीवन सिंह ने बताया कि बीते रविवार को सूबेदार बलदेव की अगुवाई में पांच सैनिक गश्त पर थे। उग्रवादियों ने एक बारूदी सुरंग बिछा रखी थी। जैसे ही इनकी गाड़ी निकली बारूदी सुरंग फट गई। जिससे इनकी गाड़ी पलट गई। जब तक सैनिक संभल पाते घात लगा कर बैठे उग्रवादियों ने इन पर गोलियों की बौछार कर दी। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल भी शहीद के घर पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला
मणिपुर से साथ आए सैन्य अधिकारी सूबेदार जीवन सिंह ने बताया कि बीते रविवार को सूबेदार बलदेव की अगुवाई में पांच सैनिक गश्त पर थे। उग्रवादियों ने एक बारूदी सुरंग बिछा रखी थी। जैसे ही इनकी गाड़ी निकली बारूदी सुरंग फट गई। जिससे इनकी गाड़ी पलट गई। जब तक सैनिक संभल पाते घात लगा कर बैठे उग्रवादियों ने इन पर गोलियों की बौछार कर दी। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल भी शहीद के घर पहुंचे।