हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
Sat, 29 Mar 2014 10:13 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, शिमला
रेलवे के 108 साल पुराने भाप के इंजन’ की छोटी सी ट्रेन शनिवार को हरी भरी वादियों में बने शिमला-कालका ट्रैक पर दौड़ी।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
शिमला से कैथलीघाट तक स्टीम इंजन के टूअर का आयोजन ‘ट्रेवल पलज इंडिया’ की ओर से किया गया। टूअर को ‘रेलवेज ऑफ द राज’ नाम दिया गया था।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
अमेरिका, आस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड के सैलानियों ने टूर में भाग लिया। इन्हाेंने 96 हजार रुपए में यह ट्रेन बुक कराई थी।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
आस्ट्रिया के आस्कर मेसरस्मिथ, हरवर्ट हेडवोगल ने बताया कि रेलवे से बतौर इंजीनियर रिटायर होने के बाद वह शौकिया तौर पर हेरिटेज रेलवे में घूमते हैं।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
शिमला से पहले सैलानियों ने दार्जिलिंग, कांगड़ा वैली और अमृतसर रेलवे वर्कशाप का भी भ्रमण किया।
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12:45 पर स्टीम इंजन कैथलीघाट पहुंचा और करीब 3:15 बजे कैथलीघाट से वापिस शिमला की ओर रवाना गया। शाम करीब 5:15 बजे स्टीम इंजन वापिस शिमला पहुंचा।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेल लाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं।
हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ा ‘रेलवे का इतिहास’
108 साल पुराना है केसी-520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन। 1905 में अंग्रेजों ने शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया। 1971 के बाद 30 सालों तक वर्कशॉप में खड़ा रहा।