डॉक्टरों ने दिसंबर और जनवरी के महीने में लोगों को अलर्ट रहने को कहा है। सर्दी के मौसम में सामान्य वायरल ही नहीं बल्कि ये वायरस भी आपको संक्रमित कर सकता है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर-
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डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर सामान्य वायरल भी इस मौसम में बढ़ सकता है। मगर इसके अलावा एक जानलेवा वायरस भी आपको चपेट में ले सकता है। ये वायरस दिसंबर और जनवरी जैसे मौसम में अधिक पनपता है और सक्रिय रहता है।
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डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 अभी तक हवा में घूम रहा है। दिसंबर और जनवरी महीनों में खास अलर्ट रहने को कहा जा रहा है। हिमाचल में इसी साल के शुरू में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में सर्दियों में लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
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स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही होते हैं। इसलिए अगर बुखार या जुकाम है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये स्वाइन फ्लू हो सकता है। साधारण बुखार की तरह इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में लगातार नाक बहना, छींके आना या नाक का जाम होना जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
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मांसपेशियों में दर्द, अकड़न, सिर में तेज दर्द, सर्दी, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, बुखार, गले में लगातार बढ़ती खराश भी स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। सामान्य बुखार और सर्दी जैसे लक्षण होने के कारण रोगी इस बीमारी की पहचान नहीं कर पाते हैं।
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यह श्वसन तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जो ए-टाइप इन्फ्लुएंजा वायरस से होती है। इसे एच-1 एन-1 नाम से भी जाना जाता है। स्वाइन फ्लू एक संक्रामक रोग है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से नाक या मुंह के जरिये शरीर में प्रवेश करता है। वायरस से संक्रमित चीजों को छूने से भी यह बीमारी हो सकती है।
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राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महकमे की हाल की रिपोर्ट पर गौर करें तो इसी साल स्वाइन फ्लू के 14 मामले पाजिटिव पाए गए। इनमें से पांच की मौत हो गई। ये मामले इसी वर्ष जनवरी महीने के ज्यादा बताए जा रहे हैं।
राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय में राज्य सर्विलेंस अधिकारी डा. राकेश रोशन भारद्वाज ने बताया कि ये वायरस हालांकि अब कमजोर हो चुका है। वर्तमान में ये बहुत प्रभावी तो नहीं है, लेकिन फिर भी दिसंबर और जनवरी महीनों ये काफी सक्रिय रहता है।