लाखों छात्रों की खातिर आंदोलन कर जख्म लेने वाले लोकेंद्र को आखिरकार इसका ईनाम मिल ही गया। जिला परिषद चुनाव में उसने कई दिग्गजों को हराकर जीत दर्ज की। लोकेंद्र वही शख्स है जो मार्च 2015 में हुए लाठीचार्ज के बाद गंभीर रूप से जख्मी हो गया था।
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रंग लाया लोकेंद्र का संघर्ष, जनता ने दिया जीत का तोहफा
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फीस वृद्घि के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोकेंद्र पर पुलिस ने बड़ी
बर्बरता दिखाई थी। बाद में नाजुक हालत में लोकेंद्र को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। इसके बाद उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई
थी।
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रंग लाया लोकेंद्र का संघर्ष, जनता ने दिया जीत का तोहफा
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कुल्लू के आनी में तेशण गांव के रहने वाले लोकेंद्र कुमार ने
एचपी यूनिवर्सिटी में एससीए चुनाव के बाद अब जिला परिषद चुनाव में भी
जोरदार जीत दर्ज कर ली। चुनाव में लोकेंद्र सबसे युवा उम्मीदवार थे लेकिन
उन्हें सबसे ज्यादा 5598 मत मिले।
रंग लाया लोकेंद्र का संघर्ष, जनता ने दिया जीत का तोहफा
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संजौली से कॉलेज की पढ़ाई करने
वाले लोकेंद्र शुरू से ही एसएफआई से जुड़े रहे। छात्रों की मांगों को लेकर
वह हमेशा ही आंदोलन करते रहे। यही कारण था कि एचपीयू में भी वे एससीए
उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने में कामयाब रहे।
रंग लाया लोकेंद्र का संघर्ष, जनता ने दिया जीत का तोहफा
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इस बार के चुनावों
में लोकेंद्र कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों पर भारी पड़ गए। जिला परिषद
सीट पर जीत हासिल करने के बाद अब उनका कहना है कि वे जिस तरह छात्रों के
लिए संघर्ष करते थे वैसे ही अब अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करेंगे।