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कभी आश्रम में थे सेवादार, सिर्फ 5 साल में बन गए करोड़पति बाबा

Thu, 25 May 2017 01:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कभी सेवादार का काम करने वाला एक साधु अचानक पांच साल में करोड़पति बाबा बन गया। अफसर से लेकर बड़े बड़े नेता तक बाबा के भक्त हैं। कुटिया से शुरुआत करने वाले इस बाबा के पास आज कई आलीशान गाड़ियां है। जानिए पूरी कहानी-
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इन बाबा का नाम है अमरदेव। ग्रामीण बताते हैं कि पांच साल पहले तक वह हिमाचल के चायल के पास देवी मोड़ पर स्थित आश्रम में कथावाचक स्व. परमात्मा दास के सेवादार थे। यहां आश्रम में सेवादार रहते हुए बर्तन तक धोने पड़ते थे।
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करीब चार साल पहले साथ लगते रूड़ा गांव का एक व्यक्ति बाबा को अपने गांव ले आया। बाबा ने गांव के बाहर सड़क किनारे खाली पड़ी जमीन पर एक कुटिया बनाई और उसमें रहने लगे। करीब एक साल कुटिया में रहकर संन्यासी धर्म का पालन किया।

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अचानक अगले तीन साल में इतने बदलाव हुए कि गांववाले भी दंग रह गए। बाबा बड़े बड़े नेताओं में चर्चित हो गए। आए दिन इनके दरबार में राज्य सरकार से लेकर केंद्र तक के बड़े नेता हाजिरी देने लगे।
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देखते ही देखते बाबा एक के बाद एक तीन महंगी गाड़ियों के मालिक बन गए। बाबा ने यहां भव्य मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया। सभी यह देखकर हैरान थे कि आखिर बाबा के भक्त अचानक इतने कैसे बढ़ गए। कहां से इतना पैसा आ रहा है।
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शुरुआत में लोगों को बाबा की रहनुमाई पसंद आई। ग्रामीण भव्य मंदिर निर्माण से खुश थे, लेकिन तालमेल ज्यादा नहीं चल पाया। उधर, मंदिर का काम जोरों पर जारी रहा। रामलोक मंदिर के नाम से इस भव्य निर्माण में करीब 25 करोड़ की मूर्तियां सजाई जा चुकी हैं। एक-एक पत्थर को चुन-चुनकर लगाया है। नक्काशी और बिजली पर लाखों खर्चे जा रहे हैं।
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आखिर, इतना तामझाम एक अकेला साधु कैसे कर गया, ये सवाल सबकी जुबान पर है। मगर जवाब यही मिलता है कि सारा पैसा दान का है। मंदिर समिति के प्रधान लक्ष्मी सिंह ठाकुर का कहना है कि बाबा की तीनों लग्जरी गाड़ियां दान में मिली हैं।

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पुजैरो गाड़ी लेकर कुछ लोग उनके सामने ही मंदिर में आए थे। बाबा ने जब गाड़ी की चाबी लेने से मना किया तो भक्तजन जबरन चाबी रख गए। बाबा ने एक भी गाड़ी अपने पैसों से नहीं खरीदी। जो लोग आते थे, बाबा उन्हें सिर्फ मंदिर निर्माण के लिए दान देने को कहते थे। इसी दान से यह निर्माण हो रहा था। आगे जानिए किस मुश्किल में फंसे बाबा-
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बाबा को लेकर विवाद तब बढ़ा जब उनके आश्रम से अचानक तेंदुए की खालें बरामद हुईं। केस दर्ज किया गया और अब इसका चालान भी पेश किया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही में बाबा और ग्रामीणों के बीच मारपीट हो गई। गांववाले अब इनके पीछे पड़ गए और इनका भारी विरोध हो रहा है। गांव लोग इन्हें यहां से निकालने की मांग कर रहे हैं।
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