पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान बदला लो के नारे के साथ कुपवाड़ा में शहीद हुए नेपाल के तीन जवानों का सुबाथू में राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार किया गया। शहीदों को विदाई देते हर आंख नम थी। हजारों की संख्या में लोग गोरखा राइफल के इन शहीदों की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शहीदों की इस अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए नेपाल से उनके परिजन भी पहुंचे थे। यहां पहुंचते ही परिजन अपने लाडलों के शवों से लिपट पड़े।
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तीनों शहीदों की अंतिम विदाई से पूर्व नेपाली रीति-रिवाज के अनुसार देह पूजन और अंतिम दर्शन किए गए। पार्थिव शरीर टेंट में रखे गए थे, जहां शहीदों के परिजनों समेत अन्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। शहीदों के परिजन बार-बार एक ही बात दोहरा थे....शहीदों की कुर्बानी बेकार नहीं जानी चाहिए। नेपाल से पहुंचे शहीद गरीश बहादुर गुरूंग के पिता दुर्गा बहादुर गुरूंग, शहीद दमर बहादुर पुन के पुत्र मिलन बहादुर और शहीद रोबिन शर्मा के रिश्तेदार योगेश शर्मा सहित अन्यों ने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए।
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सुबाथू में पहली बार एक साथ तीन शहीदों का अंतिम संस्कार किया गया। नेपाल से पहुंचे शहीद गिरीश बहादुर गुरूंग के पिता दुर्गा बहादुर गुरूंग, शहीद दमर बहादुर पुन के पुत्र मिलन बहादुर और शहीद रोबिन शर्मा के रिश्तेदार योगेश शर्मा ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर 14 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर आरएस रावत के नेतृत्व में सेना के जवानों ने हवा में फायर कर सलामी दी।
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नम आंखों और रुंधे गले से निकल रही भावुक आवाज के साथ सीईओ सुबाथू तनु जैन कुछ देर के लिए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी पर नाज है। सांसद वीरेंद्र कश्यप ने सुबाथू में शहीदों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचकर कहा कि केंद्र सरकार देश के शहीदों का बलिदान बेकार नहीं जाने देगी। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
अंतिम संस्कार के लिए शहीदों के पार्थिक शरीर सुबाथू पहुंचते ही स्थानीय दुकानदार भारी संख्या में शवयात्रा में शामिल हुए। सेना सुविधा केंद्र और बाजार इस दौरान बंद रहे। व्यापार मंडल के प्रधान सुशील गर्ग ने कहा की शहीदों की कुर्बानी सुबाथू के लोग कभी नहीं भूला सकेंगे।