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सूर्य ग्रहण आज, इन राशियों के लिए रहेगा कष्टकारी, ये सात उपाय करने से मिलेगा लाभ

Wed, 25 Dec 2019 08:42 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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इस वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा। इस ग्रहण को कंकण आकृति तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के दक्षिण भागों में देखा जा सकेगा। शेष भारत में खंड ग्रास रूप में दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्य अश्विनी शर्मा शास्त्री के अनुसार यह ग्रहण सुबह 8:00 बजे से 11:05 बजे तक रहेगा। सभी शहरों में कंकण ग्रहण का अलग-अलग समय होगा। इस ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर 2019 बुधवार की रात 8:00 बजे शुरू हो जाएगा। यह ग्रहण मूल नक्षत्र और धनु राशि में लगेगा।
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इसलिए इस राशि और नक्षत्र में पैदा हुए लोगों के लिए विशेषतया अशुभ है। ज्वालामुखी मंदिर के पुजारी मुरली मनोहर और डिंपल शर्मा ने बताया कि गुरुवार 26 दिसंबर को सुबह में करीब दो घंटे 40 मिनट तक सूर्य पर ग्रहण लगेगा। सुबह 8.17 बजे से 10.57 बजे तक सूर्यग्रहण दिखेगा। ग्रहण के 12 घंटे पूर्व ही सूतक लग जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सूतक काल किसी शुभ कार्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
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राशियों के लिए कैसा रहेगा ग्रहण 
मेष-संतान कष्ट, चिंता
वृष-शत्रु पक्ष तेज
मिथुन-स्त्री कष्ट, पति कष्ट
कर्क-गुप्त रोग, गुप्त चिंता
सिंह-कार्य में विलंब, अधिक खर्च
कन्या-कार्य सिद्धि, लाभ

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तुला-धन लाभ, अच्छी कमाई
वृश्चिक-धनहानि, व्यर्थ खर्च
धनु-दुर्घटना, चोट, चिंता
मकर-धनहानि, व्यर्थ भ्रमण
कुंभ-भरपूर लाभ, उन्नति
मीन-मानसिक और शारीरिक कष्ट। 
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अनाज का दान, सूर्य मंत्र का जाप करें
इस ग्रहण में अनाज का दान, सूर्य मंत्र का जाप/पाठ, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र और अन्य किसी भी मंत्र का जाप और पाठ कर लाभ लिया जा सकता है। इसी अवधि में तीर्थ स्नान, होम, देव पूजा लाभकारी होती है।
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- फोटो : NASA
ग्रहण के समय क्या न करें
पका हुआ अन्न, कटी हुई सब्जियां ग्रहण काल में नहीं रखनी चाहिए। ये दूषित हो जाती हैं। तेल, घी, दूध, दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, आचार, चटनी, मुरब्बा आदि में कुशा रख देने से ये दूषित नहीं होते। सूखे खाद्य में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं।
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सूतक और ग्रहणकाल में अनावश्यक खाना-पीना, मूर्ति स्पर्श करना, मैथुन, निद्रा और तेल लगाना वर्जित है। वृद्ध, रोगी, बालक और गर्भवती स्त्रियों को यथानुकूल भोजन या दवाई लेने में कोई दोष नहीं है। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सोना, सब्जी काटना, सिलाई-पिरोना, नुकीली वस्तु का प्रयोग और अन्य कोई भी उत्तेजित कार्य नहीं करना चाहिए। 
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