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यहां मेले में एक दूसरे पर बरसाते हैं पत्थर, यकीन नहीं तो देख लें

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दिवाली के दूसरे दिन राजधानी शिमला के समीप धामी के चौरा में ऐतिहासिक और रोमांचक पत्थर मेले की परंपरा निभाई गई। फोटो: नरेश भारद्वाज
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इस मेले में हजारों की संख्या में लोग उमड़े। लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की तो पत्थरों की बरसात का लुत्फ भी लिया।
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मेले के दौरान सैकड़ों लोग दो टोलियों में बंट गए और एक-दूसरे पर पत्थरों की बरसात की गई।

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करीब पंद्रह मिनट जमोगी और कटेड़ू टोलियों के बीच पत्थर बरसाने के बाद कटेड़ू के हितेश (20) गांव नावटा के सिर पर पत्थर लगने पर यह खेल बंद हुआ।
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इसके तुरंत बाद हितेश के सिर से निकले खून से सती स्मारक में तिलक किया गया।
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इसके बाद दोनों टोलियों ने नाटी डालकर मस्ती की और क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की।
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पत्थर मारने की यह परंपरा काफी पुरानी है।

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मेले में काफी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।

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हर साल यह परंपरा दिवाली के दूसरे दिन निभाई जाती है।
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इसे देखने के लिए काफी दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
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