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छात्राओं की मौत पर गुस्साए परिजन, गाड़ियों के शीशे तोड़े, मंत्री को मौके से खदेड़ा, बचकर भागे

Mon, 01 Jul 2019 02:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
राजधानी शिमला के झंझीड़ी में हुए स्कूल बस हादसे में दो छात्राओं और ड्राइवर की मौत हो गई है। हादसे के बाद बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि कई साल हो गए पुलिस और प्रशासन से मांग करते हुए कि झंझीड़ी सड़क से अवैध पार्किंग हटाओ लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई आज हमने बच्चे खोए हैं, अब खुद ही इंसाफ करेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
यह कहते हुए अभिभावकों ने गाड़ियों में तोड़ फोड़ शुरू कर दी। फोटो खींच रहे और वीडियो बना रहे मीडिया कर्मियों पर भी अभिभावकों का गुस्सा फूटा। 
अभिभावक गाड़ियों के शीशे तोड़ते हुए फॉरेस्ट कालोनी से होते हुए मुख्य सड़क तक पहुंच गए। 10:30 बजे लोग खलीनी-झंझीड़ी सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
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 करीब पांच मिनट बाद एडीएम प्रोटोकॉल नरेश ठाकुर मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश करने लगे। 11:30 बजे एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला मौके पर पहुंची। उन्होंने भी लोगों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन लोग उपायुक्त शिमला को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे।

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- फोटो : अमर उजाला
11:40 बजे लोगों ने खलीनी-बीसीएस सड़क पर चक्का जाम कर दिया हालांकि एडीएम और एसडीएम के समझाने के बाद लोग खलीनी-झंझीड़ी सड़क पर लौट आए। उधर, घटना स्थल पर पहुंचे शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को अभिभावकों के विरोध का सामना करना पड़ा।
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- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, भारद्वाज अभिभावकों को समझाते रहे। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की मौत हुई है वो आपके ही नहीं हमारे भी बच्चे थे। आपकी सभी मांगें पूरी होंगी, मनमानी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गाड़ियां तोड़ते अभिभावकों की कुछ लोग वीडियो बनाने लगे तो अभिभावकों ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद राहगीरों ने चुपचाप मोबाइल अपनी जेबों में रख दिए।
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- फोटो : अमर उजाला
बस हादसे के बाद आईजीएमसी पहुंचे शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को यहां भी एक महिला के उग्र तेवरों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अस्पताल परिसर में जाने से रोकने पर अभिभावकों ने भी खूब हंगामा किया। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी अस्पताल में ही मौजूद थे तथा उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम पूछा। लोगों का आरोप है कि शिक्षा मंत्री ने घायलों के परिजनों की बात सीएम तक नहीं पहुंचने दी। महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रसे नेता जैनब चंदेल ने इस पर खूब हंगामा किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
राजधानी के ओलर खलीनी (झंझीड़ी) में सोमवार सुबह स्कूल बस दुर्घटना में कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मेरी चेल्सी स्कूल की दो मासूम छात्राओं की जान जाने से स्कूल में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। तीसरी की मेहल और सातवीं कक्षा की छात्रा मान्या के इस तरह से चले जाने से उनके सहपाठी भी मायूस थे। जैसे ही स्कूल तक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली, प्रधानाचार्य सिस्टर शायमा जोश और मैनेजमेंट तथा स्कूल के शिक्षक अस्पताल की ओर भागे। पूरा दिन वह अस्पताल में ही रहे और दोपहर बाद कनलोग में एक बच्ची के अंतिम संस्कार में शिक्षक और मैनेजमेंट के लोगों सहित शहर के सभी कान्वेंट स्कूलों और सीबीएसई स्कूलों के मुखिया पहुंचे थे। 

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प्रत्यक्षदर्शी आरती कुठियाला ने कहा कि सड़कों पर लोगों ने निर्माण सामग्री उतार रखी है। रही सही कसर अवैध पार्किंग करने वाले पूरी कर रहे हैं। मकानों में पार्किंग फ्लोर पर लोगों ने दुकानें खोल दी हैं। बेहद पुरानी बसों को झंझीड़ी रूट पर चलाया जा रहा है। जहां हादसा हुआ है वहां सड़क किनारे रेलिंग तक नहीं है। 
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हरीनंद कालोनी के श्रीराम ने कहा कि वे बरामदे में खड़े होकर शेव कर रहे थे। अचानक कुत्ते ने जोर-जोर से भौंकना शुरू कर दिया। इतने में बस लुढ़कते हुए नीचे आ गई और धूल का गुबार उठा।
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