हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रोहड़ू देवीधार में शांत महायत्र का विधिवत रूप से समापन हुआ। इस मौके पर देवताओं ने खूंदों ने परंपरा निभाते हुए तलवारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोकनृत्य किया।
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शांत महायज्ञ में अनोखी परंपरा, तलवारे लहराकर नाचे
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शांत महायज्ञ में देवताओं के खूंदों ने सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए कुछ इस अंदाज में लोकनृत्य किया। देखिए तस्वीरें..
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शांत महायज्ञ में अनोखी परंपरा, तलवारे लहराकर नाचे
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शांत महायत्र में क्षेत्र के 13 देवीदेवताओं ने हिस्सा लिया। आखिरी देवताओं ने एक दूसरे से गले मिलकर मिल किया। इस मौके पर खूंदों के साथ देवताओं ने भी खुश होकर नृत्य किया।
शांत महायज्ञ में अनोखी परंपरा, तलवारे लहराकर नाचे
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शांत महायज्ञ में देवताओं के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
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शांत महायज्ञ में अनोखी परंपरा, तलवारे लहराकर नाचे
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी शांत महायज्ञ में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने भी देवताओं के आगे शीश नवाया।