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हिमाचल में बनी इन 14 दवाइयों के सैंपल फेल, यहां देखिए पूरी सूची

Thu, 14 Feb 2019 11:18 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन)
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प्रदेश के उद्योगों में निर्मित होने वाली दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतर रही हैं। बीते साल हिमाचल के उद्योगों की निर्मित 100 से अधिक दवाइयों के सैंपल फेल हुए थे। इस साल 14 दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं।
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ताजा ड्रग अलर्ट में जनवरी में लिए सैंपलों में देश की 45 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इनमें हिमाचल की 14 दवाएं शामिल हैं। 45 फीसदी दवा निर्माण का तमगा हासिल करने वाले प्रदेश के लिए दवाओं के सैंपल फेल होने से कई सवाल खड़े होते हैं। 
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प्रदेश में करीब 750 फार्मा उद्योग हैं। इनमें कई उद्योगों में निर्मित दवाओं पर सवाल उठते रहे हैं। सीडीएससीओ की ओर से हर माह दिए जाने वाले ड्रग अलर्ट के बाद विभाग हरकत में आता है और सैंपल फेल होने वाली दवाओं का बैच मार्केट से उठा लिया जाता है।  

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ये दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं 
वैलक्योर रेमैडीज नाहन रोड मोगीनंद की इन्वऑक्स 625, कान्हा बायोजेनेटिक प्लॉट नंबर-1 फेज एक झाड़माजरी की निक्वाइंड 5, एरिओन हेल्थ केयर किशनपुरा बद्दी की ऑफलोसेसिन, एएनजी लाइफ साइंस इंडिया लिमिटेड किशनपुरा की सी. फ्यूरो 750, टोक्यू फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड झाड़माजरी की टोर्डेक्स, कोरोना रेमैडीज प्राइवेट लिमिटेड जटोली सोलन की सीओआर -3, अल्ट्राटेक फार्मास्युटिकल टिपरा बरोटीवाला की हाइड्रोकोरटिसोन, स्कॉट इडिल फार्मा झाड़माजरी की एमोक्सीलिन एंड पोटाशियम क्लावूलनेट दवा शामिल हैं।
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साइटेक मेडीकेयर प्राइवेट त्रिलोकपुर की एमोक्सीलिन एंड पोटाशियम, क्लावूलनेट, एकमे फार्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड नालागढ़ की डोपेरिडोन, वीआईपी. फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड मानपुरा की स्टोमकूल डीएसआर, अलाइव हेल्थ केयर बद्दी की डोकॉक्स एलबी, एक्मे जेनेरिक्स दवनी नालागढ़ की थाइरोक्सिन सोडियम और समर्थ लाइफ साइंस यूनिट टू इंडस्ट्रियल एरिया लोदीमाजरा बद्दी की टैक्सोप्लान दवा शामिल हैं। ये दवाएं दर्द, शुगर, एंटी एलर्जी, मल्टी विटामिन, उल्टी, गैस और पेट दर्द के लिए प्रयोग में लाई जाती है।  
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राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि उद्योगों को नोटिस देकर बैच मार्केट से वापस मंगाया है। कई दवाओं में वातावरण का भी असर पड़ता है, जिसके चलते कई दवाओं के सैंपल फेल होते हैं। 90:10 के अनुुपात में बद्दी में ही ड्रग टेस्टिंग लैब बन रही है। इसके लिए एक भवन के पांच फ्लोर किराए पर लिए हैं। 
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