एचपी यूनिवर्सिटी में एक बार फिर छात्र संगठन हिंसक हो गए। मंगलवार सुबह एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बहसबाजी के बाद दोनों में पथराव भी शुरू हो गया। इससे कैंपस में अफरातफरी मच गई। छात्रों सहित एचपीयू में अपना काम करवाने पहुंचे लोग पथराव से बचने के लिए इधर-उधर भागते रहे। पथराव में तीन छात्र जख्मी हो गए हैं।
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इनका डीडीयू अस्पताल में मेडिकल करवाया गया है। दोनों संगठनों के बीच अब तनाव और बढ़ गया है। वहीं, दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। एक दूसरे पर पथराव और मारपीट का आरोप दोनों तरफ से लगाया गया है। हिंसक घटना की संभावनाओं को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार विधि विभाग में मामूली सी बात से शुरू हुई कहासुनी के बाद सुबह करीब दस बजे कैंपस में तनाव पैदा हो गया। देखते ही देखते मुख्य गेट और आर्ट्स ब्लॉक के बीच कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी शुरू हो गई। एसएफआई के नोवल, रोहित और राकेश पथराव में जख्मी हो गए।
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इस दौरान राह चलते लोग भी दहशत में आ गए। पत्थरबाजी की घटना के तुरंत बाद एसपी शिमला मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिसर में छात्र गुटों के बीच झड़प और पत्थरबाजी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है।
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एसपी ने दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं से बातचीत की और कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की। भविष्य में हिंसक घटना की संभावनाओं को देखते हुए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बालुगंज थाना, समरहिल चौकी और क्यूआरटी के जवान दिन भर कैंपस में तैनात रहे। एएसपी अर्जित सैन स्वयं मौके पर मौजूद रहे।
करीब छह माह पहले भी छात्र संगठनों के बीच एचपीयू में खूनी संघर्ष हुआ था। तब नैक की टीम विवि के दौरे पर थी। हॉस्टल में एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ता भिड़ गए थे। इसमें कई छात्र घायल हो गए थे। दो दिन तक नैक टीम के सामने छात्र संगठनों में खूनी संघर्ष चलता रहा था। बावजूद इसके टीम ने एचपीयू को ए ग्रेड दिया था।