भगवान परशुराम और उनकी मां रेणुका के अनोखे मिलन का यह मेला शुरू हो गया। मां बेटे के मिलन का गवाह बनने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया। सीएम वीरभद्र खुद देव पालकी को कंधा देने पहुंचे।
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रेणुका मेलाः देवताओं की पालकी उठाने पहुंचे सीएम
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रेणुका मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार दोपहर एक बजे स्थानीय खेल मैदान में देवताओं की पालकी को कंधा देकर किया। उन्होंने देवताओं की पूजा अर्चना भी की। कहते हैं आज के दिन मां रेणुका और भगवान परशुराम एक दूसरे से मिलते हैं। मां बेटे का यह मिलन पूरे एक साल बाद होता है।
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रेणुका मेलाः देवताओं की पालकी उठाने पहुंचे सीएम
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शोभायात्रा दोपहर बाद खेल प्रांगण से शुरू होकर ददाहू बाजार,
गिरीपुल, बेढ़ोण गांव, देवशिला मेला परिसर और रेणु मंच से होते हुए रेणुका
जी तीर्थ के त्रिवेणी घाट पर पहुंची। जहां हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी
में मां-पुत्र और दो देवताओं का मिलन करवाया गया। हजारों लोग इस ऐतिहासिक
मिलन के साक्षी बने।
रेणुका मेलाः देवताओं की पालकी उठाने पहुंचे सीएम
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प्राकृतिक लोक वाद्य यंत्रों, बैंड बाजों, ढोल
नगाड़ों की मधुर ध्वनि के बीच निकली शोभायात्रा में भगवान परशुराम के
प्राचीन और प्रसिद्ध जामू मंदिर, कटाह मंदिर, माशु देवता और मंडलाह के
मंदिरों से लाई गई देव पालकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।