उन्होंने बताया कि पावर कॉरपोरेशन में स्टाफ की कमी के चलते कई बिजली परियोजनाओं को विभिन्न तरह की मंजूरियां देने में देरी हो रही है। इसके चलते रिक्त पदों को भरने का फैसला लिया गया है। ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में भी फील्ड स्टाफ की कमी है। महकमे में रिक्त पदों को भरने के लिए निदेशक मंडल की बैठकों में नए पद भरने को स्वीकृति दी गई।