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अंग्रेजों के जमाने की इस बिल्डिंग की है जबरदस्त खासियत

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राजधानी शिमला में अंग्रेजों के जमाने की ऐसी बिल्डिंग है जिसकी बड़ी जबरदस्त खासियत है। आइए आज हम आपको बताते हैं इसके बारे में। इनपुट: अरविंद ठाकुर फोटो: नरेश भारद्वाज
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अंग्रेजों के जमाने की इस बिल्डिंग की है जबरदस्त खासियत

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शिमला यूं तो विश्वभर में यहां की प्राकृतिक सुदंरता के साथ-साथ यहां पर ‌स्थित ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी जाना जाता है। श‌हर में स्थित ये ऐतिहासिक इमारतें यहां आने वाले टूरिस्टों को इन इमारतों में बीते ब्रिटिशकालीन इतिहास की भी जानकारी देती हैं।
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इतना ही नहीं ये इमारतें केवल इनके ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं बल्कि इन इमारतों में इस्तेमाल हुई अद्भुत वास्‍तुकला के महत्व से भी टूरिस्टों को खासी पसंद आती हैं। इन ऐतिहासिक इमारतों में से ऐतिहासिक धरोहर के रूप में राजधानी में स्थित रेलवे बोर्ड बि‌ल्डिंग अपने ऐतिहासिक महत्व और वास्तुकला के अनूठे नमूने के रूप में विख्यात है।

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चार लाख से बनी थी इमारत- शिमला में स्थित इस ऐतिहासिक इमारत की खासियत यह है कि ब्रिटिश काल के दौरान बनी यह पहली इमारत है जिसे भूकंप रोधी तकनीक से बनाया गया है। मालरोड के नजदीक स्थित दयानंद पब्लिक स्कूल के साथ लगती इस खूबसूरत वास्तुकला के अनूठे नमूने को हर काई व्यक्ति देख सकता है।
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रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का निर्माण शिमला में ब्रिटिशकाल में सन 1896-97 में बॉम्बे बेस्‍ड फर्म रिसचर्डसन एंड क्रुडास द्वारा किया गया था। उस समय में इमारत के निर्माण में 4,08,476 रुपए की लागत आई थी जो कि उस समय की बहुत बड़ी राशि थी। कुछ समय पहले तक इस इमारत को रेलवे बोर्ड बिल्डिंग के अलावा हरबेट हाउस एंड लॉ विला के नाम से भी जाना जाता था।
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उसके बाद इस इमारत को सरकार की ओर से लोक सेवा विभाग चलाने के लिए इसे किराए पर लिया गया और उसके बाद रेलवे बोर्ड और कॉमर्स विभाग को इस इमारत में चलाया गया। इमारत की खूबसूरती टूरिस्टों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इमारत में चार स्टोरीज हैं जिनमें ऊपर चढ़ने के लिए लोहे की बेहद सुदंर सीढ़ियां बनाई गई हैं। ये सीढ़ियां वास्तुकला का ऐसा नमूना पेश करती हैं जिससे इस इमारत को बेहद ही रॉयल ताज महल जैसी खूबसूरती मिल रही है।
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आर्यन कास्ट-स्टील से बना भवन- वास्तुकला के अद्भुत नमूने के रूप में जानी जाने वाली इस रेलवे बोर्ड इमारत का पूरा स्ट्रक्चर आर्यन कास्ट और स्टील से बनाया गया है।

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इस इमारत को अग्निकांड जैसे भयंकर हादसे से बचाया जा सके इसलिए इसे आर्यन कास्ट-स्टील से बनाया गया। हालांकि एक बार इस इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल में आग लगी थी लेकिन इस भवन को जिस कला से बनाया गया है उसकी वजह से ‌अग्निकांड से इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और इसके आर्यन कास्ट और स्टील के बने स्ट्रक्चर ने इस इमारत को भयंकर अग्निकांड से बचा‌ लिया। जहां इस पहाड़ी क्षेत्र में भूकंप रोधी इमारतें नहीं हैं वहीं अंग्रेजों ने इस इमारत को भूकंप रोधी तकनीक से बनाया है। भूकंप आने पर भी लोहे के स्ट्रक्चर से बनी ये इमारत सेफ रहेगा।

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वास्तुकला पर रिसर्च करने आते हैं स्टूडेंट्स- रेलवे बोर्ड बिल्डिंग की वास्तुकला का अध्ययन करने के लिए दुनिया भर से शोधार्थी आते हैं ताकि उन्हें इसके बारे में जरूरी तथ्य मिल सकें।
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निश्चय ही यह इमारत वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।
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