इसके अलावा शहीद तिलक का साला भी सीआरपीएफ में है। युवकों ने कहा कि शहीद तिलक जब भी छुट्टी आते थे तो वह हारचकियां गांव तक के युवकों को फोन कर कुछ नया करने को कहते। शहीद तिलक राज अपने पीछे पिता लायक राम, माता बिमला देवी, पत्नी सवित्री देवी, दो साल का बेटा वरुण और 22 दिन के बेटे विवान को छोड़ गए। शहीद तिलक राज की मौत के बाद अब घर चलाने का कोई साधन नहीं है।