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मंत्री को रोककर शहीद तिलक की मां ने रखी ऐसी मांग, गर्व से चौड़ा होगा हर हिंदुस्तानी का सीना

Mon, 18 Feb 2019 10:39 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जंद्रो (कांगड़ा)
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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद कांगड़ा ज्वाली के जंद्रो गांव में शहीद के घर पहुंचे खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर से मां और चचेरी बहन ने बदला लेने की मांग की। 
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 शहीद की मां बिमला देवी और चचेरी बहन अनु ने मंत्री को पांच मिनट तक आंगन में रोके रखा और कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान से बदला लो। क्योंकि, हमारे परिवार का अकेला तिलक ही फौज में नहीं था। 
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शहीद तिलक राज के पार्थिव शरीर को देख मां बिमला देवी बिलख-बिलख कर रोने लगीं। ताबूत से लिपट कर मां बिमला देवी कहने लगीं कि मेरा बेटा सबका सीनियर था।
 

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अब मैं किसके गाने सुनूंगी और किसे कबड्डी खेलता देखूंगी। सुध-बुध खो बैठी मां बिमला औरों को चुप रहने को कहतीं। बोलतीं - मेरे बेटे को कुछ नहीं हुआ है। आज बेटे की रिटायरमेंट है। रोने की जर्रत नहीं है।
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चार बेटे और भी सीमा में खड़े होकर देश की रक्षा कर रहे हैं। यदि पाकिस्तान और आतंकवादियों से बदला नहीं लिया तो उनकी जान को भी खतरा है। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद तिलक राज का परिवार कुछ ही सालों में फौजी परिवार बन गया।
 
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तिलक राज सहित चाचा-ताया के कुल पांच भाई फौज और अर्धसैनिक बल में सेवाएं दे रहे हैं। शहीद तिलक का परिवार शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह दरिणी से करीब 25 साल पहले पलायन करके ज्वाली विधानसभा क्षेत्र की नाणा पंचायत में आया था। पांच साल पहले ही पंचायत में दूसरे स्थान पर तिलक ने घर बनाया।
 
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चचेरे भाइयों में सबसे बड़े शहीद तिलक साल 2011 में सीआरपीएफ में ऐसे भर्ती हुए कि बाद में उनके अन्य भाई भी सेना और अर्धसेना बल में चले गए। शहीद के भाई तेज सिंह भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में हैं। राकेश कुमार, रविंद्र कुमार और केवल आईटीबीपी में सेवाएं दे रहे हैं।

 

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इसके अलावा शहीद तिलक का साला भी सीआरपीएफ में है। युवकों ने कहा कि शहीद तिलक जब भी छुट्टी आते थे तो वह हारचकियां गांव तक के युवकों को फोन कर कुछ नया करने को कहते। शहीद तिलक राज अपने पीछे पिता लायक राम, माता बिमला देवी, पत्नी सवित्री देवी, दो साल का बेटा वरुण और 22 दिन के बेटे विवान को छोड़ गए। शहीद तिलक राज की मौत के बाद अब घर चलाने का कोई साधन नहीं है।
 

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पुलवामा के शहीद परिवारों को एचएएस अधिकारी एक-एक दिन का वेतन देंगे। यह फैसला एचएएस अधिकारी एसोसिएशन ने लिया है। इस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की। प्रदेश में 200 से ज्यादा एचएएस अधिकारी कार्यरत हैं। इन सभी की ओर से एक-एक दिन का वेतन इन शहीद परिवारों को सहायतार्थ भेजा जाएगा।

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शहीद के पिता तिलक राज ने कहा कि मैंने मेहनत-मजदूरी करके गरीबी की हालत में परिवार का पालन-पोषण किया। बेटे के सेना में भर्ती होने के बाद सुख की घड़ी देखने को मिली थी। लेकिन, उनके बेटे की मौत ने उनकी कमर तोड़ दी। बेटे के जाने के बाद भले ही उनके परिवार की रीढ़ की हड्डी टूट गई हो। लेकिन, शहादत से उनका सिर ऊंचा हुआ है।

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भगवान नहीं, सरकार ले बदला: अनु
शहीद तिलक की चचेरी बहन अनु ने कहा कि उनका एक भाई शहीद हुआ है। चार अभी ओर भी बॉर्डर पर है। उन भाइयों की रक्षा के लिए अनु ने आतंकवादियों से बदला लेने की मांग की। अनु ने कहा कि भगवान नहीं, सरकार इसका बदला ले।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पुलवामा में आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आतंकियों के खिलाफ शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को पोषित कर रहा है। इसका पाकिस्तान को भी सरकार कूटनीतिक जवाब देगी।

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कांगड़ा-चंबा के सांसद शांता कुमार ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। शांता ने कहा कि पीएम मोदी से आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।
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यहां लगी थी गोली
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जंद्रो गांव के तिलक राज जम्मू से कश्मीर जा रहे सीआरपीएफ के काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी में थे। सीआरपीएफ बस को टक्कर मारने के बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकवादी की एक गोली तिलक के सिर में लगी थी। विस्फोट के बाद उठे धुएं के कारण उसका शरीर भी जल गया था। यह बात सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताई।
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