भूस्खलन की चपेट में आई कार में सवार आधा दर्जन लोग करीब सोलह घंटे चट्टान के नीचे दबे रहे। सोमवार को सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद इनकी क्षत-विक्षत लाशें निकालीं।
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हादसे की सूचना मिलते ही सुबह 9:15 बजे वजीरबावड़ी-निरमंड सड़क पर पुलिस के जवान और लोग राहत कार्य में जुट गए। इसी बीच एक्स सर्विस मैन यूनियन के एक सदस्य ने अवेरी स्थित सेना की 133वीं मीडियम रेजिमेंट को सूचना दी।
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9:45 बजे सूचना मिलने के बाद लेफ्टीनेंट कर्नल सौरभ शर्मा और लेफ्टीनेंट आसाराम, नायब सूबेदार एस कदरेसन, नायब सूबेदार पीबी दुबे, हवलदार रोफीकुल शेख सहित 20 जवान रेस्क्यू सामग्री और स्ट्रेचर लेकर मौके पर पहुंचे।
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पुलिस के अनुसार इस रास्ते से जब वाहन गुजर रहे थे तो लोगों की नजर मलबे में दबे वाहन पर पड़ी। इसके बाद ब्रौ पुलिस थाना को सूचना दी गई और पुलिस सुबह 9:15 बजे पहुंच गई।
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इस हादसे में कार पूरी तरह से चट्टानों से दबी हुई थी, जिसमें से शवों को निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 11:15 बजे तक सेना के जवानों ने सभी शवों को मलबे से बाहर निकाल लिया।
बचाव कार्य के दौरान एक फोन मिला, जिसके सिम से दत्तनगर के सीताराम की पहचान की गई। पता चला कि सीता राम अपनी पत्नी और बच्चे के साथ निरमंड के पुजारली में विवाह समारोह में जा रहा था।