फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां जलती मशालों के साथ नाचे लोग, सदियों से चली आ रही परंपरा

Mon, 10 Dec 2018 01:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंजार (कुल्लू)
विज्ञापन
1 of 5
उपमंडल बंजार में बूढ़ी दिवाली धूमधाम से मनाई गई। मार्गशीर्ष की अमावस्या की रात को उपमंडल के कई गांवों में पर्व की धूम रही और ग्रामीणों ने जलती मशालों के साथ नृत्य किया। साथ ही कई जगहों पर लोगों ने मशालों के साथ क्षेत्र की परिक्रमा की। घाटी में चिपणी, चेत्थर, गुशैणी, शपनील, थाटा डाहर व शिल्ही में ग्रामीणों ने विशेष लकड़ी की मशाल के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए एक विशेष स्थान पर एकत्रित हुए। 
विज्ञापन

2 of 5
जहां सभी लोगों ने अपनी जलती मशालों को एक अग्निकुंड में डाला और उसके चारों और गाने गाकर जमकर झूमे। कई जगहों पर लोगों ने मशालों को जलाकर पूरे क्षेत्र की परिक्रमा की तथा भूत प्रेत व अन्य बुरी शक्तियों को दूर भगाया। रमेश, गोपाल, कार्तिक, सुमित पंडित, धनेश्वर, टेक सिंह, रमेश शर्मा तथा कमल किशोर का कहना है कि इस परंपरा का शास्त्रों में भी उल्लेख है। उन्होंने कहा कि दिवाली में उपमंडल के गांव में मेहमानबाजी का भी खूब दौर चला। उन्होंने कहा कि इस परंपरा का अगर निर्वहन नहीं किया गया तो देवी-देवता नाराज हो जाते हैं। ऐसे में पूरी घाटी में बूढ़ी दिवाली को सदियों से चल रही परंपरा के अनुसार मनाया जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
वहीं सिरमौर के कमरऊ पंचायत के मुनाना गांव में बूढ़ी दिवाली पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जेपी शर्मा, राजेश खदराइक, निर्मला जौनसारी और ओमप्रकाश समेत लोक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति से खूब मनोरंजन किया। लोक गायक जेपी शर्मा ने उधू तो गाड़ी सुतनो उभा कमरोली, सूट मुखे सिल्की सीलाई दे और नीलू नीलू मेरी प्यारी नीलू पहाड़ी गीतों पर युवाओं को नचाया।

4 of 5
राजेश खदराई ने तिशो के बहाने आई जा रे बटु दी, भिना लागा रे, आर बुलना की पार बुलना व स्थानीय कलाकार कमलेश शर्मा ने तेरी पाजेबो छानको छोरे रा दिल धड़को, आज रे आजा तिशी रे बहाने आ तू, डाची रे माई नमेरे पुलुन दी गीत प्रस्तुत किया। ओम प्रकाश शर्मा ने मुंडे जुगे न रोये कानो, पाता पानो रा, जोभे नई आइंदा, नाटी ऐसी लागी सिरमौर री, बुरा नई मानना मेरी बातो रा,  तेरे कानो रा झुमका, तेरा मेरा प्यार अड़िये, शवनो रे कुवेडो देखना, कोलीजुगों दा धुखा कोरणा व निर्मला जौनसारी ने तिशो रे भाने आये, आई जा रे गीत गाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुलाब सिंह चौधरी और डॉ. जय चंद शर्मा  ने कहा कि पहाड़ी लोक संस्कृति को लुप्त होने से बचाने का प्रयास ऐसे ही जारी रहे। लोक संस्कृति व प्राचीन धरोहर को संजोए रखें। मुख्य अतिथि ने 25000 की राशि प्रदान की। 101 बैग सीमेंट सार्वजनिक भंडार मुनाना के लिए देने की घोषणा की। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें