वीरभद्र सिंह ने कहा है कि अनुशासित पार्टी सदस्य होने के नाते हम सब हाईकमान के इस फैसले को स्वीकार करते हैं। उनके आने से कुछ अच्छा असर तो होगा ही, हम साथ मिलकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे। हमारी कोशिश होगी कि मंडी सीट पर कांग्रेस विजयी हो। डेढ़ साल पहले वीरभद्र सिंह ने सुखराम के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने पर उन्हें ‘आया राम, गया राम’ की संज्ञा दी थी।