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हिमाचल में चोटियां बर्फ से लकदक, लाहौल में जमने लगे पेयजल स्रोत, मनाली में उमड़े सैलानी

Sun, 10 Nov 2019 10:27 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/कुल्लू/कोकसर
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- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल की चोटियों पर दो दिन बर्फबारी के बाद शनिवार को अधिकतर भागों में मौसम साफ हो गया। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, मंडी की चोटियां बर्फ से लकदक हैं। वहीं, मौसम खुलने के बाद रोहतांग में बर्फ का शानदार नजारा देखने को मिला।
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- फोटो : अमर उजाला
 रोहतांग दर्रा में करीब 120 सेंटीमीटर बर्फबारी होने से यह वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध है। ऐसे में मनाली-लेह मार्ग पर भी वाहनों के पहिये थम गए हैं। मनाली-लेह मार्ग बंद होने से जनजातीय क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।  मौसम खुलते ही शनिवार को बीआरओ ने रोहतांग दर्रे को बहाल करने के लिए मनाली-लेह मार्ग से बर्फ हटाने का अभियान शुरू कर दिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
मनाली और लाहौल की तरफ से सीमा सड़क संगठन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगा दी हैं। लाहौल की तरफ से बर्फ हटाते हुए बीआरओ की टीम दस किलोमीटर, जबकि मनाली की तरफ से सात किलोमीटर आगे तक पहुंच गई है। हालांकि रोहतांग में चार फीट तक बर्फ गिरी हुई है।

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- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि अगर मौसम खराब नहीं हुआ तो मनाली-लेह मार्ग को रविवार तक बहाल किया जा सकता है। बर्फबारी से दर्रा बंद होने के चलते लाहौल में कई लोग फंसे हुए हैं। सीमा सड़क संगठन उन्हें टनल से आवाजाही की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसे में रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद ही लोगों को राहत मिलेगी। दूसरी ओर 48 घंटों तक लगातार बर्फबारी के बाद शनिवार को सूर्य के दर्शन होने से घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली। 
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- फोटो : अमर उजाला
पिछले दो दिनों से रोहतांग दर्रा, बारालाचा पास, कुंजुम सहित जनजातीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते मनाली लेह, मनाली काजा और लाहौल घाटी का संपर्क बाहरी दुनिया से कटा हुआ है। चंद्रा और तोद घाटी के संपर्क मार्ग भी यातायात के लिए ठप है। हालांकि बीआरओ ने मुस्तैदी दिखाते हुए शनिवार को घाटी के सभी मुख्य मार्ग से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
पिछले दो दिनों से रोहतांग दर्रा, बारालाचा पास, कुंजुम सहित जनजातीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते मनाली लेह, मनाली काजा और लाहौल घाटी का संपर्क बाहरी दुनिया से कटा हुआ है। चंद्रा और तोद घाटी के संपर्क मार्ग भी यातायात के लिए ठप है। हालांकि बीआरओ ने मुस्तैदी दिखाते हुए शनिवार को घाटी के सभी मुख्य मार्ग से बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी में पारा शून्य से पांच डिग्री तक नीचे लुढ़क गया है। केलांग में शुक्रवार रात को तापमान में भारी गिरावट से कई नलों में पानी जम गया। छतों पर रखे पेयजल भंडारण टैंक जम जाने से लोगों को पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।  हालांकि शनिवार को मौसम साफ रहने के कारण दिन के समय कुछ राहत मिली।

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इसके बाद सूरज ढलते ही सड़कों पर बह रहा पानी जमकर ठोस बर्फ में तब्दील हो जाने से घाटी के भीतर वाहनों में सफर करना जोखिम भरा हो गया है। चंद्रा वैली के अधिकांश हिस्सों में सड़क पर बर्फ जम जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। प्रचंड ठंड के कारण समूची लाहौल घाटी में तंदूर जलाना शुरू हो गया है। सूरज ढलते ही लोग ठंड के कारण घरों के भीतर दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। जिला मुख्यालय केलांग समेत हर गांव के चौराहों पर शाम ढलते हो सन्नाटा दिखाई दे रहा है। 

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कोकसर निवासी अमर, गोधला के प्रकाश, अनिल, प्रमोद और केलांग के दोरजे, अमीर, सुनील ने कहा कि रिहायशी इलाकों में सीजन की हुई पहली बर्फबारी ने लोगों को ठंड के कारण घरों के भीतर दुबकने को मजबूर कर दिया है। दोरजे ने कहा कि शनिवार सुबह पानी जमा जाने से अधिकांश नलों में पानी की सप्लाई बंद रही, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधर, रोहतांग दर्रा से सटे कोकसर गांव के लोग कुल्लू-मनाली की तरफ पलायन करने की तैयारी में हैं। इन लोगों को रोहतांग दर्रा बहाल होने का इंतजार है। उपायुक्त केके सरोच ने कहा कि बर्फबारी के बाद घाटी में ठंड बढ़ गई है। कहा कि लोग सुबह-शाम सफर के दौरान एहतियात बरतें।

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पहाड़ों में बर्फबारी होने के बाद देशभर का पर्यटक मनाली का रुख करने लगा है। तीन दिनों के भीतर कुल्लू-मनाली में पर्यटक बढ़े हैं। मनाली के स्नो प्वाइंटों में शनिवार को भी बर्फ देखने को सैलानियों की भीड़ उमड़ी। सोलंगनाला के साथ फातरू और कोठी में पर्यटकों ने खिली धूप के बीच बर्फ में जमकर मस्ती की। सोलंगनाला में पर्यटकों ने कुल्लवी परिधानों के साथ स्कीइंग के साथ याक, स्नो स्कूटर और घुड़सवारी का आनंद लिया। बर्फबारी के बाद सैलानियों से पर्यटन नगरी मनाली गुलजार हो गई है। मनाली के पर्यटन कारोबारियों की बांछें खिल गई हैं। मनाली के स्नो प्वाइंटों में हुई ताजा बर्फबारी से सैलानियों ने 15 नवंबर तक ऑनलाइन बुकिंग तेज कर दी है।

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मनाली के होटलियर चंद्र सेन ठाकुर, टेक चंद, विजय ठाकुर, रूपेश गौतम तथा राकेश शर्मा ने बताया कि रोहतांग पास सहित मनाली के सभी पर्यटन स्थलों पर हुई ताजा बर्फबारी के कारण होटल में बुकिंग तेज हो गई है। तीन दिनों से मनाली में सैलानियों की संख्या 15 फीसदी तक बढ़ी है। मनाली में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पर्यटन कारोबारियों ने अपना स्टाफ वापस बुलाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मनाली में विंटर सीजन का आगाज अच्छा हुआ है। 
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मौसम विभाग ने एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। 15 नवंबर को मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क जबकि मध्यम और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं शनिवार को मौसम साफ रहने से शिमला के मालरोड, रिज पर सैलानियों की खूब भीड़ उमड़ी। शिमला का न्यूनतम तापमान 9.0, सुंदरनगर 8.3, भुंतर 6.0, कल्पा  0.4, धर्मशाला 12.4, ऊना 14.4, नाहन 14.5, कांगड़ा 10.2, मंडी 14.2 और हमीरपुर में 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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