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शिमला: पुरानी पेंशन के लिए विधानसभा के बाहर गरजे हजारों कर्मचारी, बैरिकेड तोड़े, पुलिस ने बरसाईं लाठियां, देखें तस्वीरें

Thu, 03 Mar 2022 11:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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शिमला में गजरे कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के भीतर और बाहर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाली के मुद्दे पर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। हजारों कर्मचारियों ने जहां उग्र प्रदर्शन किया, वहीं सदन के भीतर सत्र शुरू होने से लेकर शाम पांच बजे तक विपक्ष ने सरकार को घेरे रखा। सुबह प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने ओपीएस को लेकर वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। उधर प्रदेश भर से हजारों कर्मचारियों ने शिमला पहुंचकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने में सरकार का खुफिया तंत्र और सुरक्षा इंतजाम फेल हो गए। शहर में चार जगह लगाए बैरिकेड तोड़कर कर्मचारी विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए। एनपीएस कर्मचारी महासंघ के प्रदर्शन से पूरा शहर जाम हो गया। टुटीकंडी क्रॉसिंग से शिमला पहुंचने में लोगों को पांच घंटे का समय लग गया। शहर का टुटीकंडी बाईपास पहली बार जाम हुआ। प्रदर्शनकारियों के आगे पुलिस और प्रशासन की सभी तैयारियां ध्वस्त हो गईं। शहर के लोगों ने भी पहली बार ऐसी भारी अव्यवस्था देखी।

पहाड़ी बोली में नारे लगाकर जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने पहाड़ी बोली में नारे लगाकर भी विरोध जताया। उन्होंने नारा लगाए- जइया मामा मानदा नेंई, कर्मचारी की शुणदा नहीं, हो जइया माने जा! इसका हिंदी में अर्थ है कि जइया मामा मान नहीं रहे हैं और कर्मचारियों की सुन नहीं रहे हैं। जइया मामा कर्मचारियों की बात मान जाओ। जइया मामा कहकर कर्मचारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को संबोधित कर रहे थे। 

गुरुवार काला दिवस माना जाएगा: महासंघ
न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा है कि गुरुवार रात नौ बजे के करीब पुलिस ने पहले मीडिया को हटा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को जबरन उठा दिया गया। कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था। इस घटनाक्रम से साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री तानाशाही पर उतर आए हैं। पुलिस बल का इस्तेमाल पुलिस प्रमुख के सामने हुआ है। गुरुवार के इस दिन को काला दिवस माना जाएगा।  प्रदेशाध्यक्ष ने कहा है कि पुलिस ने तानाशाही की है। महिलाओं के कपडे़ फटे हैं। एक कर्मचारी की टांग टूटी है। कर्मचारियों को विधानसभा गेट के सामने से जबरदस्ती उठाया गया है।
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पानी की बौछारें छोड़ीं। - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं, पानी की बौछारें भी छोड़ीं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। हजारों कर्मचारियों के आगे पुलिस कम पड़ गई। 
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कर्मियों के रोकती पुलिस। - फोटो : संवाद
एनपीएस कर्मचारी महासंघ के प्रदर्शन से पूरा शिमला शहर जाम हो गया। जरूरी कार्यों या अस्पताल जा रहे लोग परेशान हुए। उधर, विधानसभा सत्र के दौरान सदन में इसी मामले पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री में तीखी नोकझोंक हुई।

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कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
शाम पांच बजे से पहले तो विधानसभा को पांच मिनट के लिए स्थगित तक करना पड़ा और सुबह माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी विपक्ष के साथ वेल में जाकर नारेबाजी की। सीएम जयराम ठाकुर इस मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ आक्रामक दिखे। 
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कर्मियों को रोकती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
सुबह 11 बजे टूटीकंडी क्रॉसिंग से प्रदर्शनकारी टनल 103 के पास पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद वार्ता का निमंत्रण आने पर कुछ देर शांत हुए, लेकिन 15 मिनट बाद कर्मचारी धक्का-मुक्की कर आगे बढ़ गए। 
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धक्कामुक्की के दौरान गिरे कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
रेलवे स्टेशन के एग्जिट गेट के बाहर पुलिस ने उन्हें रोकने का असफल प्रयास किया। विधानसभा गेट की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाई थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ वहां पहुंच गए। यहां डीजीपी संजय कुंडू ने खुद मोर्चा संभाला और हेलमेट पहन पर प्रदर्शनकारियों के सामने डट गए।

 
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कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
इस बीच प्रदर्शनकारियों से बात करने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज मुख्य गेट पर आए, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने ओपीएस के समर्थन में पोस्टर दिखाए। 

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लाठीचार्ज। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन के बाहर मीडिया से कहा कि आंदोलनकारियों से बात करने के लिए हमने मुख्य सचिव और वरिष्ठ मंत्री सुरेश भारद्वाज को भेजा, लेकिन कर्मचारी नहीं माने। जयराम ने कहा कि मेरा उनकी बात सुनने के लिए वहां जाना संभव नहीं है। यह शर्त उचित नहीं है। कर्मचारी राजनीतिक दृष्टि से खिलौना बन रहे हैं।

 

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कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
अपील करता हूं कि अपने प्रतिनिधि बातचीत के लिए भेजें। सीएम ने कहा कि मामले के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। आज भी बात करने के लिए दस-पंद्रह लोग बुलाए थे लेकिन कर्मचारी 103 टनल के पास रुक गए। वहां ट्रैफिक जाम कर दिया। यह तरीका सही नहीं है। सरकार के खिलाफ अपनी बात शालीनता से रखनी चाहिए। 

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कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस प्रशासन ने रास्ता रोकने पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन में कौन-कौन कर्मचारी शामिल रहे है। इनकी शिनाख्त कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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शिमला में प्रदर्शनकारी कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
  टुटीकंडी क्रॉसिंग पार्किंग के टैरेस पर सुबह दस बजे प्रदर्शनकारी जुटना शुरू हो गए थे। 10:30 बजे क्रॉसिंग से जैसे ही हजारों प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया, सड़क जाम हो गई। प्रदर्शनकारियों की संख्या इतनी अधिक थी कि क्रॉसिंग से 103 बस स्टॉप तक लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

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कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने क्रॉसिंग और टालैंड से ट्रैफिक बाईपास पर डायवर्ट कर दिया। सर्कुलर रोड पर ट्रैफिक बंद होने के बाद बाईपास पर वाहनों की भीड़ बढ़ने से जाम लग गया। क्रॉसिंग से पैदल ओल्ड बस स्टैंड की ओर आ रहे लोग प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस गए। बालूगंज से चौड़ा मैदान होते आ रहे लोग चौड़ा मैदान और विधानसभा चौक पर की गई बैरिकेडिंग के कारण फंस गए। प्रदर्शनकारियों ने चौड़ा मैदान में भी चक्का जाम कर दिया।

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कर्मचारियों को रोकती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
103 से ओल्ड बस स्टैंड की ओर सैलानी और स्थानीय लोग रेलवे ट्रैक से होकर आगे बढ़े। पूरे शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस कारण बाहरी क्षेत्रों से आ रहे लोगों के अलावा स्कूली बच्चों और सैलानियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
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कर्मचारियों व पुलिस में धक्कामुक्की। - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। पुलिस के साथ टकराव के बाद प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, सरकार हमसे डरती है, पुलिस को आगे करती है। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया, अंदर की ये बात है, पुलिस हमारे साथ है, इसके अलावा जो हम से टकराएगा, चूर चूर हो जाएगा। 
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