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इस स्कूल का हाल जान आप भी कहेंगे ये है 'मस्ती की पाठशाला'

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शिमला शहर में एक स्कूल ऐसा भी है जिसका हाल जानने के बाद आप भी दंग रह जाएंगे। शहर के बीचोंबीच चल रहे इस स्कूल में दो शिक्षकों समेत 4 लोगों का स्टाफ है। मगर अब ये मस्ती की पाठशाला बन गया है। आइए जानते हैं कैसे..
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इस स्कूल का हाल जान आप भी कहेंगे ये है 'मस्ती की पाठशाला'

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सालों से चल रहा शिमला का चुंगीखाना स्कूल अब बिना छात्रों के चल रहा है। मगर सरकार इतनी मेहरबान है कि दो शिक्षकों समेत चार लोगों का स्टाफ यहां बैठा रखा है। सभी रोज ड्यूटी पर आते हैं और हीटर सेंककर चले जाते हैं। आसपास के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है लेकिन इन पर सरकार की खास मेहरबानी है।
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अमर उजाला टीम ने जायजा लिया तो पाया कि यहां पर तैनात दो शिक्षकों में से एक ट्रेनिंग पर है और दूसरा अवकाश पर। स्कूल के दो क्लासरूम खुले हैं। अंदर हीटर चल रहा है पर कमरों में कोई छात्र मौजूद नहीं। स्थायी रूप से तैनात महिला शिक्षक रीता सैनी ट्रेनिंग पर बताई गई। जबकि दूसरे शिक्षक सुभाष छुट्टी पर बताए गए। हैरानी इस बात की है कि यदि दोनों स्कूल में मौजूद भी होते तो पढ़ाते किसे।

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चंद रोज पूर्व यहां छह छात्र हाजिरी रजिस्टर में बताए गए। स्कूल में किसी छात्र ने प्रवेश लिया भी है, यह अपने आप में जांच का विषय है। क्लास में एक भी छात्र न होने से ही स्पष्ट है कि स्कूल सिर्फ नाम के लिए और शिक्षकों की पोस्टिंग के लिए ही चल रहा है
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स्कूल में बाकायदा एक वाटर कैरियर प्रिया और कुक शारदा भी मौजूद मिलीं, जो बच्चों के आने का इंतजार कर रही हैं। एक दो जो शिक्षक हैं, उनके भी स्कूल आने का कोई तय समय नहीं। खाली चारदीवारी और हीटर सेंक कर ही शिक्षक ड्यूटी पूरी कर लौट जाते हैं। राजधानी में स्थित उप निदेशक कार्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर ही स्कूल के हालात ऐसे हैं तो दूसरी जगह क्या हाल होंगे।
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छात्र संख्या के नाम पर गोलमाल के सबूत अमर उजाला टीम को प्रत्यक्ष मिले हैं। इस स्कूल को बिना छात्रों के कैसे और क्यों संचालित किया जा रहा है, इसका जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है। सूत्र बताते हैं स्कूल में शायद ही कभी क्लास लगी हो।
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स्कूल के बच्चों के हाजिरी रजिस्टर में दर्ज नौ छात्र हैं। पहली कक्षा में कोई छात्र नहीं, दूसरी में तीन छात्र गणेश साहू, रीना और ओंकार, तीसरी में गुलाब, दिव्या, चौथी काजल और प्रकाश जबकि पांचवीं में सिर्फ दो मनीषा और अजय ने प्रवेश लिया है। कुछ रोज से छात्र नहीं आ रहे हैं। मिड डे मील छात्रों के आने पर ही पकता है।
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उप जिला शिक्षा अधिकारी इंदु कौशल ने चुंगीखाना में बिना छात्रों के चलाए जा रहे स्कूल और खाली क्लास रूम मामले पर कहा कि मामला ध्यान में आया है। इसकी छानबीन की जाएगी स्कूल से मुश्किल से दस मिनट की दूरी पर लोअर कैथू में प्राथमिक पाठशाला चल रही है। फिर इतने नजदीक स्कूल खोलने की क्यों जरूरत पड़ी, छात्र न होने पर भी चल रहे इस स्कूल को क्यों आज तक लोअर कैथु स्कूल में मर्ज नहीं किया जा रहा है।
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