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शिक्षकों की इंक्रीमेंट पर बड़ा फैसला, निदेशालय ने तलब की सूची

Sun, 05 Aug 2018 12:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले एक हजार से अधिक शिक्षकों की इंक्रीमेंट रोकने की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने दो दिनों के भीतर दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले सभी विषय शिक्षकों की सूची तलब की है।
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शिक्षा निदेशालय के पास पहुंचे आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 396 स्कूलों का इस साल 25 फीसदी से कम परिणाम रहा है। जबकि 55 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। स्कूलों का रिकार्ड आने के बाद अब निदेशालय ने विषय वार शिक्षकों की सूची तलब की है। बताया जा रहा है कि विषय वार 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की संख्या एक हजार से अधिक है।
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दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में शून्य और 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। खराब परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में जुटे शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की विषय वार समीक्षा शुरू कर दी है।

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इसी कड़ी में संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. सोनिया ठाकुर ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र लिखकर दो दिनों के भीतर 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों की विषय  वार सूची भेजने को कहा है। दो दिनों के भीतर जानकारी नहीं देने वाले स्कूल प्रभारियों को विभागीय कार्रवाई के प्रति भी चेताया है।
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हिमाचल के 55 सरकारी स्कूलों में बोर्ड की परीक्षाओं में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है। बारहवीं के 16 और दसवीं के 39 स्कूलों का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। बारहवीं में कांगड़ा और मंडी से 4-4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति से 3-3, चंबा और सिरमौर से 1-1 स्कूल ऐसा है, जहां एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है। दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में 396 स्कूलों का इस साल परीक्षा परिणाम 25 फीसदी से कम है। इनमें बारहवीं के 91 और दसवीं के 305 स्कूल शामिल हैं।
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