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मस्ती करने निकले छात्रों को मिली खौफनाक मौत, लाशें देख रेस्क्यू टीमें भी कांपी, तस्वीरें

Sat, 14 Jan 2017 11:47 PM IST
बिंदर ठाकुर/अमर उजाला, गोहर (मंडी)
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बर्फबारी में मस्ती करने की जिद हिमाचल के एनआईटी हमीरपुर के एमबीए छात्रों को खौफनाक मौत दे गई। 7 फीट बर्फ के बीच छात्रों की लाशें ऐसी हालत में मिली कि रेस्‍क्यू टीमें भी कांप गई। कई दिन से लापता छात्रों में से एक का आधा शव जानवर खा चुके थे।
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दोनों के शव मंडी के शिकारी देवी मंदिर के पास करीब सात फीट बर्फ के बीच पड़े थे। छात्र अक्षय का क्षत-विक्षत शव देखकर रेस्क्यू टीम की भी पैरों तले जमीन खिसक गई। उससे कुछ ही दूरी पर दूसरे छात्र का शव बर्फ में दफन मिला।
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शुक्रवार को करीब 40 पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों की दो टीमों ने बर्फ में दबे छात्रों के शव ढूंढ निकाले। सात फीट बर्फ में चलकर शवों को देर शाम तक जंजैहली नहीं पहुंचाया जा सका। रेस्क्यू टीमें भी शिकारी देवी के बर्फीले रास्तों पर फंसी हैं।

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी संस्थान हमीरपुर से एमबीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे बरमाणा के नवनीत राणा और सुजानपुर टिहरा के अक्षय कुमार छह जनवरी को जंजैहली से शिकारी देवी गए। उनकी आखिरी बात अपने दोस्त से हुई। इसके बाद मोबाइल फोन बंद हो गए।
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छह जनवरी को शिकारी देवी में बर्फबारी शुरू हो गई थी, लेकिन मौज-मस्ती की जिद से दोनों बर्फीली चोटी की ओर बढ़ते गए। जब उनका कोई पता नहीं चला तो गत वीरवार को परिजनों ने नवनीत और अक्षय कुमार के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई।
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एसएचओ गोहर चांद किशोर के नेतृत्व में शिकारी देवी की बर्फीली पहाड़ी पर गई रेस्क्यू टीमों ने लापता छात्रों के शव ढूंढ निकाले। शिकारी देवी में भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने अलर्ट घोषित किया था। एनआईटी के दोनों प्रशिक्षु छात्रों के जंजैहली से शिकारी देवी जाने की ग्रामीणों को भनक लग गई थी। उन्होंने उन्हें शिकारी देवी की तरफ जाते देखा था।
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अंदेशा जताया जा रहा है कि दोनों बर्फ में फंस गए थे और सुरक्षित स्‍थान पर नहीं पहुंच पाए। कड़ाके की ठंड, बर्फबारी से दोनों की जान चली गई। इसी बीच एक छात्र का मुंह और हाथ जंगली जानवरों ने नोच लिया।
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अक्षय के पिता टीचर बताए जा रहे हैं और उसका एक छोटा भाई है। नवनीत राणा का भी एक और छोटा भाई है। वह सुंदरनगर में बीटेक कर रहा है। नवनीत के पिता सुरेंद्र ने बताया कि तीन जनवरी को उनका बेटा नवनीत घर से एनआईटी हमीरपुर के लिए निकला था। छह जनवरी को अंतिम बार नवनीत की दोस्त से फोन पर बात हुई थी और शिकारी देवी जाने की बात कही थी।
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