हिमाचल में बस से सफर करना अब महंगा हो गया है। भारी विरोध के बावजूद जयराम सरकार ने बस किराये में की गई बढ़ोतरी में कोई कटौती नहीं की है। न्यूनतम किराया तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये कर दिया है।
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यानी बस में चढ़ने के ही छह रुपये लग जाएंगे। न्यूनतम किराये से तीन किलोमीटर तक सफर कर सकेंगे। शनिवार दोपहर को सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश में बढ़ा हुआ बस किराया लागू हो गया है।
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निजी बस ऑपरेटरों ने शनिवार से ही बढ़ा किराया वसूलना शुरू कर दिया है। एचआरटीसी ने टिकटिंग मशीनों को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। जिन बस कंडक्टरों की मशीनें अपडेट हो गई हैं, उन्हें बढ़ा किराया लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में 20 और मैदानी क्षेत्रों में 24 फीसदी सामान्य बस किराया बढ़ा दिया गया है। मैदानी क्षेत्रों में सामान्य किराया 1.12 रुपये और पहाड़ी क्षेत्र में 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। डीलक्स और वोल्वो बसों में भी सरकार ने सफर महंगा कर दिया है।
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सामान्य बसों में किराया
क्षेत्र पहले (पैसे) अब (पैसे) प्रतिशत
पहाड़ी 145 175 20.69 फीसदी
मैदानी 90 112 24.44 फीसदी
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डिलक्स बसों में किराया
क्षेत्र पहले (पैसे) अब (पैसे) प्रतिशत
पहाड़ी 180 217 20.69 फीसदी
मैदानी 110 137 24.44 फीसदी
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वोल्वो बसों में किराया
क्षेत्र पहले (पैसे) अब (पैसे) प्रतिशत
पहाड़ी 300 362 20.69
मैदानी 220 274 24.44
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गौरतलब है कि निजी बस आपरेटर किराया बढ़ाने को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले में हस्तक्षेप कर किराया बढ़ोतरी का आश्वासन दिया था। मंत्रिमंडल ने निजी बस आपरेटरों की मांगों को मानते हुए किराये में बढ़ोतरी की ।
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उधर, बस किराये में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस और माकपा ने आंदोलन का एलान कर दिया है। आम लोगों में भी इसको लेकर आक्रोश है। इसके बावजूद सरकार ने मात्र दो दिन हड़ताल पर गए निजी बस ऑपरेटरों के आगे घुटने टेकते हुए आम जनता पर वित्तीय बोझ डाल दिया है।
परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर का कहना है कि बस किराया बढ़ोतरी से प्राप्त होने वाली आय का 50 फीसदी एचआरटीसी के पेंशन फंड में जाएगा। निगम के साढ़े पांच हजार से अधिक पेंशनरों की पूर्व की कांग्रेस सरकार ने अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि किराया बढ़ोतरी सभी वर्गों को ध्यान में रखकर की गई है। डीजल के दाम कई फीसदी बढ़े हैं। बसों की खरीद भी महंगी हुई है।