अकेले कैथलीघाट-शिमला बाईपास बनने से कुल 4023 लोग प्रभावित हैं। इन फोरलेन में कुल 131 हेक्टेयर भूमि चली गई है। इसमें वन भूमि भी शामिल है। इसी तरह किरतपुर-नेरचौक 84 किमी, नेरचौक-पंडोग 19 किमी, टकोली- कुल्लू 28 किमी, कुल्लू-मनाली 37 किमी यानी इस फोरलेन की कुल लंबाई 195 किलोमीटर है। शिमला-कालका फोरलेन की कुल लंबाई 89.51 किलोमीटर है। परवाणू-सोलन 39 किमी है, यहां 1898 लोग प्रभावित हैं। चंबाघाट-कैथलीघाट फोरलेन 89.51 किमी है।