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टीसीपी एरिया में मिलने से हजारों फोरलेन प्रभावितों पर दोहरी मार

Thu, 01 Nov 2018 01:53 PM IST
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
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टीसीपी क्षेत्र में आने वाले फोरलेन प्रभावितों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। पहले लोगों को फोरलेन के लिए जमीन छोड़नी पड़ी और अब टीसीपी एक्ट लागू होने से प्रभावितों को तीन से पांच मीटर जमीन से हाथ धोना पड़ेगा। टीसीपी के दायरे में आने के बाद जिन लोगों को फोरलेन किनारे मकान या व्यावसायिक भवन बनाना होगा तो उनके सेटबैक नियमों के अनुसार छोड़ना पड़ सकता है। कई फोरलेन प्रभावितों के पास मकान बनाने के लिए पहले से ही कम जमीन बची थी और अब टीसीपी के दायरे में आने के बाद और जमीन चली जाएगी। ऐसे में उन्हें मकान तक के लिए जमीन नहीं बचेगी। फोरलेन प्रभावित सरकार से यह मामला सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
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अकेले कैथलीघाट-शिमला बाईपास बनने से कुल 4023 लोग प्रभावित हैं। इन फोरलेन में कुल 131 हेक्टेयर भूमि चली गई है। इसमें वन भूमि भी शामिल है। इसी तरह किरतपुर-नेरचौक 84 किमी, नेरचौक-पंडोग 19 किमी, टकोली- कुल्लू 28 किमी,  कुल्लू-मनाली 37 किमी यानी इस फोरलेन की कुल लंबाई 195 किलोमीटर है। शिमला-कालका फोरलेन की कुल लंबाई 89.51 किलोमीटर है। परवाणू-सोलन 39 किमी है, यहां 1898 लोग प्रभावित हैं। चंबाघाट-कैथलीघाट फोरलेन 89.51 किमी है।
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राज्य के तीन फोरलेन प्रोजेक्टों में अभी काम शुरू होना है। इनमें पठानकोट-मंडी 197 किमी,  शिमला-मटौर 223.70 किमी और पिंजौर-बद्दी 31 किमी में से हिमाचल में 18 किमी फोरलेन बनेगा। इस क्षेत्र में भू अधिग्रहण की मुआवजा हिमाचल सरकार देगी।

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हिमाचल प्रदेश फोरलेन संयुक्त संघर्ष समिति अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशहाल कहते हैं कि फोरलेन प्रभावित अन्य राज्यों की तरह सरकार से भूमि का चार गुणा मुआवजा मांग रहे हैं। यह वादा भाजपा ने प्रभावितों से चुनाव से पहले किया था। अब टीसीपी में शामिल होने से हजारों लोगों को और जमीन से हाथ धोना पड़ेगा।
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फोरलेन के लिए तैनात सामाजिक विकास अधिकारी लोकेंद्र चौहान ने बताया कि फोरलेन प्रभावितों को केंद्र ने मुआवजे के लिए कुल 3756 करोड़ जारी किए हैं, जिसमें 3560 करोड़ का मुआवजा प्रभावितों को दे दिया है। कुछ प्रभावितों ने औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं या फिर कुछ मामले कोर्ट में हैं।
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