विश्व विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम हो या फिर विश्व विजेता कबड्डी की टीम, हिमाचल की खिलाड़ियों का योगदान दोनों टीमों में महत्वपूर्ण रहा है। प्रतियोगिता में तलवार की धार दिखानी हो या शूटिंग में निशाना साधना हो, उसमें भी देवभूमि के खिलाड़ी किसी से कम नहीं हैं। वाॅलीबाल में भी सूबे के खिलाड़ी अब देश की टीम की कमान संभाल रहे हैं। हाॅकी में भी हिमाचल के खिलाड़ियों का जलवा रहा है। पढ़ें देवभूमि के खिलाड़ियों की सफलता की कहानियां...
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों का आज विश्व पटल पर डंका बज रहा है। विश्व विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम हो या फिर विश्व विजेता कबड्डी की टीम, हिमाचल की खिलाड़ियों का योगदान दोनों टीमों में महत्वपूर्ण रहा है। प्रतियोगिता में तलवार की धार दिखानी हो या शूटिंग में निशाना साधना हो, उसमें भी देवभूमि के खिलाड़ी किसी से कम नहीं हैं। वाॅलीबाल में भी सूबे के खिलाड़ी अब देश की टीम की कमान संभाल रहे हैं। हाॅकी में भी हिमाचल के खिलाड़ियों का जलवा रहा है। दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद जिला सिरमौर के खिलाड़ियों के हौसले असीमित हैं। पगडंडियों से लेकर विश्व पटल तक जिले के खिलाड़ियों के कदम बढ़ रहे हैं।
सिरमौर की बेटियों ने कबड्डी और हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष दबदबा कायम किया है, वहीं पुरुष खिलाड़ियों ने निशानेबाजी, कबड्डी, पेशेवर कुश्ती और पैरा एथलेटिक्स में प्रतिभा का लोहा मनवाया है। शिलाई की प्रियंका नेगी सिरमौर की उन बेटियों में हैं, जिन्होंने काफी पहले अंतरराष्ट्रीय कबड्डी में जिले का झंडा बुलंद किया। उन्होंने 2011 दक्षिण एशियाई खेलों, 2012 महिला कबड्डी विश्व कप और 2013 एशियन बीच गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते। 2017 में ईरान के तेहरान में हुई एशियन स्पर्धा जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहीं। सिरमौर के महारल गांव की साक्षी शर्मा 2025 महिला कबड्डी विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। इससे पहले वह खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक जीत चुकी हैं।
भारतीय कबड्डी टीम की रीढ़ सिरमौर की बेटियां
शिलाई के शरोग गांव की रितु नेगी आज देश की सबसे चर्चित खेल प्रतिभाओं में शामिल हैं। भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान के रूप में उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले वह 2018 एशियाई खेलों में रजत और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत चुकी हैं। 2025 में उनकी कप्तानी में भारत ने महिला कबड्डी विश्व कप भी जीता। इनका चयन एशियन गेम्स के लिए हुआ है। शिलाई के मिल्लाह गांव की पुष्पा राणा भारतीय महिला कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2025 एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2025 महिला कबड्डी विश्व कप में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। भारतीय टीम की उपकप्तान भी रह चुकी हैं। इनका चयन एशियन गेम्स के लिए हुआ है और इन्हें टीम का कप्तान बनाया है।
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सुषमा शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
सुषमा शर्मा ने कबड्डी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई
शिलाई के द्राबिल गांव की सुषमा शर्मा ने भारतीय महिला कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वह 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। खेल के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में भी अपनी अलग पहचान बनाई और 2026 में राजस्थान पुलिस में इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हुईं।
सीता गोसाई : हॉकी में सिरमौर की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान
अर्जुन पुरस्कार विजेता नाहन की सीता गोसाई खेल विरासत की चमकदार महिला सितारों में हैं। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रह चुकी हैं और 1990 के दशक में देश का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय टीम के साथ एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं।
निशानेबाज समरेश जंग : जिला सिरमौर का गोल्डफिंगर
निशानेबाजी में सिरमौर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाले समरेश जंग भारतीय खेल के बड़े नामों में शुमार हैं। 2006 मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में पांच स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेलों का डेविड डिक्सन अवॉर्ड मिला। 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी खेल चुके हैं।
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द ग्रेट खली, वीरेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
द ग्रेट खली : सिरमौर से डब्ल्यूडब्ल्यूई के विश्व मंच तक
सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के धिरैणा गांव के दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने पेशेवर कुश्ती में भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। वह डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय मूल के पहलवान रहे। 2021 में उन्हें डब्ल्यूडब्ल्यूई हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
वीरेंद्र सिंह : पैरा एथलेटिक्स में दिव्यांगता को दी चुनौती
श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के लगनू गांव के वीरेंद्र सिंह ने पैरा एथलेटिक्स में सिरमौर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। यूएई के शारजाह में अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता। 1500 और 800 मीटर दौड़ में रजत पदक भी हासिल किए।
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हॉकी खिलाड़ी वरुण कुमार।
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चंबा के गांव से ओलंपिक के हॉकी मैदान तक पहुंचे वरुण, कमाया नाम
डलहौजी उपमंडल की ओसल पंचायत से संबंध रखने वाले हॉकी खिलाड़ी वरुण कुमार ने संघर्ष और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपनी पहचान बनाई। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी वरुण टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। वरुण का परिवार चंबा से संबंध रखता है, हालांकि बाद में परिवार पंजाब के जालंधर में रहने लगा।
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शब्द गौतम
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बरठीं के शब्द संभाल रहे वाॅलीबाल में टीम इंडिया की कमान
कभी बरठीं की गलियों और मैदानों में वॉलीबाल खेलते हुए बड़े सपने देखने वाला बिलासपुर का शब्द गौतम आज विश्व मंच पर भारत की युवा वॉलीबाल टीम की कमान संभाल रहा है। दोहा में चल रही अंडर-17 वॉलीबाल विश्व चैंपियनशिप में शब्द भारतीय टीम के कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। बरठीं गांव शब्द की प्रतिभा को पहचान एशियन अंडर-16 वॉलीबाल चैंपियनशिप में मिली। थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में वह प्रदेश से भारतीय टीम में चयनित एकमात्र खिलाड़ी थे। भारत ने जापान को हराकर इसमें कांस्य पदक जीता। शब्द के शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें सर्वश्रेष्ठ लिबरो चुना गया। कांस्य पदक के साथ टीम ने अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया। उनका चयन भारतीय अंडर-17 वॉलीबाल टीम में हुआ और उन्हें सौंपी गई। अब वह दोहा में विश्व चैंपियनशिप में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
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धावक सावन बरवाल
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छोटी काशी मंडी के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाया नाम, धावक सावन ने बनाई पहचान
छोटी काशी मंडी जिला खेल प्रतिभाओं के मामले मेंअलग पहचान रखता है। जिले के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, पैरा खेल और कबड्डी जैसे विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों ने प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि मंडी जिले में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच रहे हैं। जोगिंद्रनगर क्षेत्र के लंबी दूरी के धावक सावन बरवाल ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पहचान बनाई है। एशियाई हाफ मैराथन में पदक जीतने के बाद भारतीय लंबी दूरी की दौड़ में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। अप्रैल 2026 में रॉटरडैम मैराथन में 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का समय लेकर भारतीय मैराथन रिकॉर्ड बनाया।
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क्रिकेटर ऋषि धवन, भावना देवी।
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मुक्केबाज आशीष ने दिखाई प्रतिभा, भावना ने कबड्डी में दिखाया हुनर
मंडी जिले के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में मुक्केबाज आशीष कुमार का नाम भी प्रमुख है। उन्होंने बॉक्सिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाई है। राष्ट्रमंडल खेलों सहित कई बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उन्होंने हिमाचल प्रदेश की खेल प्रतिभा को नई पहचान दी। मंडी के पंडोह के पिपला गलू गांव की भावना देवी भारतीय महिला कबड्डी टीम में हैं। वर्ष 2026 में एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में भी उनका चयन हुआ। वह विश्व कप विजेता भारतीय महिला टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। अब एशियाई खेलों के लिए चयन हुआ है।
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क्रिकेटर ऋषि धवन।
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
क्रिकेटर ऋषि धवन ने चमकाया नाम
मंडी शहर के क्रिकेटर ऋषि धवन भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले हिमाचल प्रदेश के पहले पुरुष क्रिकेटर हैं। साल 2016 में भारत के लिए डेब्यू किया। भारत के लिए 3 वनडे व 1 टी20 मैच खेला है। उनकी कप्तानी में हिमाचल ने विजय हजारे ट्रॉफी जीतीै। वह आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब (पंजाब किंग्स), मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं। धवन रणजी ट्रॉफी में 300 विकेट लेने वाले हिमाचल के पहले क्रिकेटर हैं।
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अंजलि ठाकुर
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अंजलि ने दिव्यांगता को हराया, बोशिया खेल बना जीवन का सहारा
उपमंडल की मौवीसेरी पंचायत के जन्यनी गांव की अंजलि ठाकुर ने अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है। कार दुर्घटना के बाद गर्दन के नीचे का हिस्सा निष्क्रिय हो गया, लेकिन अंजलि का हौसला नहीं टूटा। आज बोशिया खेल उनके जीवन का सहारा बन चुका है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही हैं। 18 वर्ष की उम्र में एक कार दुर्घटना के बाद अंजलि को स्पाइनल कॉर्ड इंजरी हो गई। वर्ष 2022 में चंडीगढ़ स्पाइनल रिहैब में पुनर्वास के दौरान उन्हें बोशिया खेल के बारे में जानकारी मिली। वर्ष 2023 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेते हुए व्यक्तिगत वर्ग में स्वर्ण और पेयर्स में रजत पदक जीता। चीन में फोर्थ एशियन गेम्स और हांगकांग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जुलाई 2024 में मिस्र में वर्ल्ड बोशिया चैलेंजर्स में अंजलि ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
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तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर।
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दुनिया को दीवाना बना रहे शिमला के खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट की धार हैं रेणुका
शिमला जिला के खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार प्रदर्शन कर दुनिया को दीवाना बना रहे हैं। जिले के दुर्गम क्षेत्रों से होने के कारण चाहे सुविधाओं का अभाव हो या विपरीत परिस्थितियां, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इसमें किसी ने बल्ला थामकर मैदान में चौके-छक्के लगाए, किसी ने तलवार से अपनी धाक दिखाकर तो किसी ने पिस्टल से लक्ष्य पर निशाना साधकर शिमला का नाम रोशन किया है। शिमला जिले के रोहड़ू के पारसा गांव की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी रेणुका ठाकुर का महिला विश्व क्रिकेट में डंका बजता है। वर्तमान में भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर वर्ष 2025 में पहली बार विश्व कप जीत कर इतिहास रचने वाली महिला क्रिकेट टीम की अहम हिस्सा रही हैं। विश्व कप में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा विकेट भी लिए।
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सुषमा वर्मा, विशाल कायथ।
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क्रिकेट विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में रहीं सुषमा वर्मा, फुटबाल में देश-दुनिया में नाम रोशन कर रहे विशाल कायथ
शिमला जिले के गढ़ेरी गांव की सुषमा वर्मा विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रही हैं। वर्ष 2017 में विश्व कप में कप्तान मिताली राज की अगुवाई में फाइनल में जगह बनाने वाली टीम का सदस्य रहीं। रोहड़ू के शलावट गांव के विशाल कायथ फुटबाल में देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्ष 2018 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप और साउथ एशियन चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम में रहे।
रोहड़ू की ज्योतिका दत्ता ने तलवारबाजी में कमाया नाम, शूटिंग में सूर्य प्रताप सिंह ने लहराया परचम
रोहड़ू की ज्योतिका दत्ता ने तलवारबाजी में देश का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने सीनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप, एशियाई खेलों में दो बार, विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक जीते हैं। वहीं रोहड़ू क्षेत्र से संबंध रखने वाले सूर्य प्रताप सिंह शूटिंग में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 5 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया। इसके बाद उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने अन्य सहयोगी खिलाड़ियों के साथ कांस्य पदक भी जीता है।