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बहादुर मां, अपने जुड़वा बच्चों की खातिर जान पर खेल गई, बनी मिसाल

Wed, 18 Jan 2017 06:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बालीचौकी (मंडी)
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मां की ममता और साहस का कोई पैमाना नहीं होता। इसे सही साबित किया है हिमाचल के जिला मंडी की घाट पंचायत की कमला देवी ने। कमला ने बहादुरी की मिसाल कायम की है। बच्चों की खातिर यह मां जान पर खेल गई।
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महज सात दिन पहले ही कमला ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। पंचायत प्रधान ललित कुमार ने बताया कि 10 जनवरी को भारी हिमपात के कारण कमला देवी को अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। अस्पताल यहां से करीब 25 किलोमीटर दूर था। वहीं, बच्चों की तबीयत भी ठीक नहीं थी।
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कमला ने घर पर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। बच्चों की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचाना जरूरी था। मगर चार फीट बर्फ में 25 किलोमीटर का सफर इस मां के लिए एवरेस्ट चढ़ने जैसा था। मगर उसने हिम्मत नहीं हारी।

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बच्चों की खातिर इस मां ने तीन से चार फीट बर्फ और शून्य डिग्री तापमान में 25 किलोमीटर पैदल सफर कर अपने बीमार नवजात बच्चों को बंजार अस्पताल पहुंचाया। पांच घंटे के इस सफर में परिजनों और गांववालों ने भी मां का साथ दिया।
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हालांकि, बंजार अस्पताल पहुंचते ही कमला की स्थिति भी नाजुक हो गई। कमला को बच्चों के साथ अब जोनल अस्पताल मंडी रेफर किया गया है। मां के इस हौसले को अब हर कोई सलाम कर रहा है।
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पंचायत प्रधान के अनुसार मां की तबीयत भी खराब थी। लेकिन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ागुसैणी सुविधाओं के अभाव के चलते बंजार अस्पताल में जच्चा-बच्चा को पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन, मां ने साहस दिखाकर खुद बच्चे को उठाकर बंजार अस्पताल तक पहुंचाया। परिवार के अन्य सदस्यों व ग्रामीणों ने भी मां की मदद की।
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