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मानसून के पहले ही दिन बारिश ने बरपाया कहर, तस्वीरें बता रही हालात

Fri, 29 Jun 2018 08:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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दक्षिण पश्चिम मानसून आज से पूरे प्रदेश में पहुंच गया है। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बरोट और चमेरा बांध में भारी मात्रा में पानी एकत्र होने से दोनों बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। 
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चंबा-तीसा मार्ग पर राठ घार के पास पर भूस्खलन होने से 200 मीटर सड़क जलमग्न हो गई। वाहनों की आवाजाही के अलावा पैदल मार्ग पर प्रशासन ने रोक लगा दी है।
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ब्यास नदी में पानी का बहाव तेज होने से कुल्लू में रिवर राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। शानन बिजली प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन ठप हो गया है। ऊहल और लंबाडग नदियों में भारी बारिश में 20 हजार क्यूसिक पानी दर्ज किया गया है। यह खतरे के निशान से ऊपर है। फ्लड में सिल्ट आने से 110 मेगावाट शानन परियोजना में उत्पादन ठप पड़ गया है। मनाली-लेह समेत करीब पचास संपर्क मार्गों पर यातायात बंद हो गया है।

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बरसात शुरू होते ही मनाली के होटलों में 50 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी भी घट गई है। प्रदेश के पांच जिलों शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में बीते 24 घंटों में मूसलाधार बारिश हो रही है। वीरवार को अन्य जिलों में भी मानसून की पहली बारिश हुई। भारी बारिश के बीच सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। सभी जिला उपायुक्तों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। उधर, लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसान-बागवान बारिश होने से गदगद हैं। बारिश होने के साथ ही मक्की और धान की बिजाई शुरू हो गई है।
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जिला कांगड़ा में सड़क धंसने से डाडासीबा-संसारपुर टैरेस मार्ग पर बंधोल गांव के पास निजी बस सड़क से नीचे लुढ़ककर पेड़ से अटक गई। हादसे में बस में बैठी 25 सवारियां बाल-बाल बची। चंबा-भरमौर मार्ग पर रजेरा के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से एक राहगीर घायल हो गया। उसे इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। रजेरा के पास भूस्खलन होने से रास्ता बंद पड़ा था। यहां से लोग पैदल ही आवाजाही कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी से पत्थर नीचे गिर पड़े।
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एक पत्थर की चपेट में आने से चोटिल हो गया। कांगड़ा के मुल्थान बाजार के साथ उहल नदी पर बनाई गई पुली भारी उफान में बह गई है। तेलिंग नाला में आई बाढ़ के चलते सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग करीब आठ घंटों तक बंद रहा। इस दौरान दर्जनों वाहन तेलिंग नाला के आर-पार फंसे रहे। उपमंडल बंजार में जिभी तांदी सड़क पर भूस्खलन के चलते सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। कांगड़ा जिला की मुल्थान तहसील की दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल के कुछ क्षेत्रों में हिमपात हुआ है। वीरवार को राजधानी शिमला में भी दिन भर बारिश होने का दौर जारी रहा।
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ऊना जिला के रक्कड़ कालोनी स्थित बसंत बिहार, लोअर देहलां, बहड़ाला, अंब, हरोली के लोअर बढेड़ा एवं पंडोगा के मकानों व दुकानों में बरसात का पानी घुसने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों का सामान भी बरसाती पानी से खराब हो गया। घरों में तीन-तीन फीट तक पानी घुस गया। वहीं हरोली के लोअर बढेड़ा में खड्ड का पानी करीब आधा दर्जन घरों व खेतों में घुस गया। जिला अस्पताल में जहां बारिश के पानी की उचित निकासी न होने से छतों से पानी टपक रहा है।

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मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 30 जून और दो जुलाई को प्रदेश में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। 29 जून और पहली जुलाई के लिए चेतावनी जारी नहीं की गई है। पूरे प्रदेश में चार जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 
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प्रदेश के अधिकतम तापमान में वीरवार को दस डिग्री तक की गिरावट दर्ज हुई है। वीरवार को नाहन में अधिकतम तापमान 29.7, ऊना में 27.2, बिलासपुर में 26.7, सुंदरनगर में 26.8, सोलन में 25.0, हमीरपुर में 24.8, भुंतर में 25.2, कांगड़ा में 21.8, शिमला में 21.0, धर्मशाला में 20.4 और केलांग में 9.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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