नंगल के सतलुज दरिया और इसके आसपास के गांवों में आजकल विदेशी परिंदों के आ पहुंचे हैं। हर वर्ष कई हजार किलोमीटर का सफर करके यह यहां पहुंचते हैं। देखिए विदेशी परिंदों की अठखेलियां..
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तस्वीरें: आए मेहमान परिंदें, गुलजार हुआ नंगल वैट लैंड
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भाखड़ा-नंगल डैम देखने के लिए आने वाले पर्यटक इन खूबसूरत पलों को अपनी आंखों में कैद करने से खुद को नहीं रोक पा रहे।
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पक्षी प्रेमी व नंगल के प्रमुख समाज सेवक डा. संजीव गौतम व अर्पण के निदेशक कुलदीप चंद्र का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित नंगल वैटलैंड में हर साल हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं, जिससे नंगल वैटलैंड का नजारा और भी खुबसूरत बन जाता है।
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नंगल वैटलैंड में वर्ष 2010 के दौरान आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या 8500 दर्ज की गई थी। जबकि वर्ष 2011 में इनकी संख्या कम होकर मात्र 7600 रह गई थी। बीते साल लगभग 9000 के करीब यह पक्षी यहां पहुंचे थे।
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नंगल के साथ साथ मंडी सुंदरनगर झील में हर वर्ष की तरह प्रवासी पक्षियों ने ढेरा डाल दिया है। इन्हें देखने के लिए सैलानी बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं।
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यहां भी हर वर्ष बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं।